महापरिनिर्वाण दिवस पर बिलासपुर में निकली शांतिपूर्ण मोमबत्ती रैलियाँ
6 दिसंबर, संविधान निर्माता एवं महान मानवतावादी भारत रत्न डॉ. भीमराव अम्बेडकर के महापरिनिर्वाण दिवस के उपलक्ष्य में आज संध्या 6:00 बजे बिलासपुर के विभिन्न क्षेत्रों—अंबेडकर नगर, पंचशील कॉलोनी, यदुनंदन नगर, टिकरापारा और कीर्ति नगर—में शांतिपूर्ण मोमबत्ती रैलियों का आयोजन किया गया। सभी स्थानों पर नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता करते हुए बाबा साहेब को श्रद्धांजलि अर्पित की।
शहर के अलग-अलग बौद्ध विहारों—नागार्जुन बुद्ध विहार, पंचशील बुद्ध विहार, आनंद बुद्ध विहार और करुणा बुद्ध विहार—से जुड़े समाजबंधु बड़ी संख्या में रैलियों में उपस्थित रहे। इसके साथ ही पंचशील बुद्ध विहार टिकरापारा और करुणा बुद्ध विहार कीर्ति नगर द्वारा भी भव्य मोमबत्ती रैलियों का आयोजन किया गया, जिनमें स्थानीय नागरिकों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया। रैली के समाप्ति के पश्चात त्रिशरण पंचशील ग्रहण कर सभी ने डॉ बाबासाहेब अंबेडकर को मौन आदरांजलि अर्पित की गई।
सभी रैलियों में समाजबंधुओं ने एकजुट होकर डॉ. अम्बेडकर की शिक्षाओं—मानवता, समानता और करुणा—को जन-जन तक पहुँचाया। मोमबत्तियों की शांत रोशनी के बीच सभी ने समाज में शांति, सद्भाव और समता स्थापित करने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर उपस्थित समाजजनों ने बाबा साहेब की प्रेरणादायी सीख को स्मरण किया—
“जीवन लंबा होने के बजाय महान होना चाहिए।”
पूरे आयोजन को सफल बनाने में बौद्ध समाज, स्थानीय समितियों, युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठजनों का विशेष योगदान रहा। अंत में आयोजकों ने सभी उपस्थित नागरिकों के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।