सेंट्रल यूनिवर्सिटी के मृत छात्र अर्सलान के पिता पहुंचे एसपी कार्यालय, कुलपति–कुलसचिव समेत अन्य पर पर की एफआईआर की मांग

सेंट्रल यूनिवर्सिटी के तालाब में मृत पाए गए छात्र अर्सलान की मौत के 45 दिनों बाद भी उसे न्याय नहीं मिल रहा है। उसके माता-पिता न्याय पाने के लिए भटक रहे हैं। मृत छात्र अर्सलान के पिता ने एसपी ऑफिस पहुंच कर बेटे के हत्यारों के खिलाफ सख्त कार्यवाही की मांग की। उन्होंने सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति,कुलसचिव,चीफ वार्डन,सुरक्षा प्रभारी प्रॉक्टर के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तारी की मांग की।
बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय (जीजीयू) के विवेकानंद हॉस्टल में रहकर पढ़ाई करने वाले छात्र अर्सलान अंसारी की मौत के मामले में 45 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस कार्रवाई न होने से परिजन आक्रोशित हैं। न्याय की उम्मीद में सोमवार को अर्सलान के पिता अयूब अंसारी परिवार के साथ एसपी रजनेश सिंह से मिलने एसपी कार्यालय पहुंचे और आरोप लगाया कि उनके बेटे की मौत एक सुनियोजित हत्या है, लेकिन अब तक इसे हत्या का मामला मानकर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। पिता अयूब अंसारी ने बताया कि 23 अक्टूबर को अर्सलान हॉस्टल से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया था और 24 अक्टूबर को यूनिवर्सिटी कैंपस के तालाब में उसका शव मिला। 25 अक्टूबर को वे बिहार से बिलासपुर पहुंचकर सिम्स अस्पताल में बेटे की पहचान की। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम और डायटम रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से सिर पर गहरी चोट का उल्लेख है, जो तालाब में गिरने से पहले की है। यह रिपोर्ट खुद इस ओर इशारा करती है कि घटना दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या है। मामला कोनी थाना क्षेत्र का है।
नामजद एफआईआर के साथ आरोपियों की हो गिरफ्तारी:–
मृतक छात्र अर्सलान के पिता अयूब व परिजनों का आरोप है कि पुलिस मामले को गंभीरता से नहीं ले रही और न ही संदिग्धों पर कोई कार्रवाई कर रही है। उनका कहना है कि नामजद आरोपियों पर हत्या का अपराध जोड़ते हुए तत्काल गिरफ्तारी की जानी चाहिए। न्याय के लिए वे लगातार एसपी कार्यालय, कोनी थाना और यूनिवर्सिटी प्रशासन के चक्कर काट रहे हैं। परिजनों ने मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को जल्द से जल्द सजा दिलाई जाए।
कंस्ट्रक्शन के लिए मिट्टी चोरी से बना तालाबनुमा गड्ढा:–
परिजनों के साथ ही एनएसयूआई प्रदेश सचिव रंजेश सिंह एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने बताया कि जिस जगह छात्र अर्सलान की मौत हुई, वहां पहले तालाब नहीं था। यूनिवर्सिटी में करोड़ों रुपए की लागत से बड़े-बड़े बिल्डिंग बनाए जा रहे हैं। यहां पटाई के लिए मिट्टी की आवश्यकता होने पर कैंपस के भीतर ही मिट्टी की चोरी की गई, जिसके बाद यह गड्ढा बना। इस मामले को प्रबंधन दबाना चाहता है। ठेकेदार को संरक्षित करने के लिए प्रबंधन और पुलिस प्रशासन मामले को दबाने में लगे हुए हैं।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष भी पहुंचे एसपी कार्यालय:–
मामले को लेकर कांग्रेस के शहर अध्यक्ष सुधांशु मिश्रा व ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री भी एसपी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने अफसरों से चर्चा कर मामले में अब तक हुई जांच से संबंधित जानकारी ली। वहीं परिजनों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके साथ है और उनके बेटे की मौत की पूरी जांच हो, इसलिए कांग्रेस कमेटी भी अफसरों से लगातार चर्चा कर रही है।
एसएसपी ने बनाई है एसआईटी:–
मामले में एसएसपी रजनेश सिंह ने जांच के लिए आईपीएस गगन कुमार के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया है। पर एसआईटी अब तक कोई निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है और न कोई गिरफ्तारी ही की हैं।
इनकी गिरफ्तारी की मांग:–
मृत छात्र अर्सनाल के पिता ने सेंट्रल यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर आलोक कुमार चक्रवाल,रजिस्ट्रार एएस रणदीवे, चीफ वार्डन प्रतिभा जे मिश्रा, स्वामी विवेकानंद हॉस्टल वार्डन महेश सिंह ढपोला,चीफ वार्डन संजय कुमार भारती,बिजनेश्वर सिंह मंडल, सुरक्षा प्रभारी सीमा राय, प्रॉक्टर एमके सिंह, डीएसडब्ल्यू शैलेंद्र कुमार सिंह को मुख्य रूप से आरोपी बता इनके खिलाफ नामजद एफआईआर और गिरफ्तारी की मांग की है।