श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के बीच हेमूनगर में माँ शारदा का 173वाँ जन्म महोत्सव आस्था का अद्भुत संगम बन गया
बिलासपुर ।हेमूनगर में गुरुदेव रामकृष्ण देव परमहंस की धर्मपत्नी माता शारदा देवी का 173वां जन्म महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के श्रद्धालु बड़ी संख्या में उनके मंदिर पहुँचने लगे, जिससे परिसर में भक्तिमय वातावरण बन गया। मंदिर में सुबह प्रार्थना, आरती और विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया गया। भक्तों ने मां शारदा के चरणों में पुष्प अर्पित कर उनके जीवन आदर्शों को स्मरण किया। आरती के दौरान उपस्थित लोगों ने भजनों के माध्यम से अपने श्रद्धा भाव प्रकट किए। जन्मोत्सव के अवसर पर मंदिर प्रबंधन की ओर से कई धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। भक्तों की सुविधा के लिए विशेष व्यवस्था की गई, ताकि सभी बिना किसी बाधा के पूजा-अर्चना कर सकें। पूरे आयोजन में महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय सहभागिता रही। मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ देखकर आयोजन समिति ने व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्वयंसेवकों की तैनाती की। प्रसाद वितरण और भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। हर वर्ष की तरह इस बार भी माता शारदा का जन्म महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं का कहना है कि माता शारदा के जीवन से प्रेरणा लेकर वे सेवा, सरलता और सदाचार के मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं। पूरे दिन मंदिर परिसर में आध्यात्मिक उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहा।