कम मानदेय और बढ़ते खर्च से परेशान कृषि सखी पशु सखी महिलाएं,
मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन की चेतावनी
बिलासपुर। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत कार्यरत कृषि सखी और पशु सखी महिलाओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट किया है एनआरएलएम के बैनर तले महिलाओं ने मुख्यमंत्री, पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री सहित संबंधित विभागों के नाम ज्ञापन सौंपा बताया गया है कि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत एनआरएलएम योजना में कार्यरत कृषि सखी और पशु सखी महिलाओं से विभिन्न विभागों के काम ग्रामीण स्तर पर कराए जा रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अत्यंत कम मानदेय दिया जा रहा है। वर्तमान में 1910 रुपये मासिक मानदेय में महिलाओं को ऑनलाइन कार्य, फील्ड कार्य, बैठकें और अन्य जिम्मेदारियां निभानी पड़ रही हैं, जो मेहनत के मुकाबले बहुत कम है। महिलाओं ने बताया कि कार्य के दौरान उन्हें निजी मोबाइल का उपयोग करना पड़ता है जिसका रिचार्ज खर्च 300 से 350 रुपये तक होता है। इसके अलावा ब्लॉक, जनपद और कलेक्टरेट तक बुलाए जाने पर यात्रा, भोजन और अन्य खर्च भी उन्हें स्वयं वहन करना पड़ता है। कई स्थानों पर मानदेय समय पर नहीं मिलता और कभी-कभी महीनों बाद एकमुश्त भुगतान किया जाता है, जिसमें कटौती की भी शिकायतें हैं। संघ ने मांग की है कि कृषि सखी और पशु सखी महिलाओं का मानदेय बढ़ाकर सम्मानजनक स्तर तक किया जाए और न्यूनतम वेतन अधिनियम के तहत भुगतान सुनिश्चित हो। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।