यास्मीन–महफूज़ मास्टर शेफ इंडिया की दौड़ में शामिल

बिलासपुर। मास्टर शेफ इंडिया बनना अपने आप में एक बड़ी चुनौती है, और इस चुनौती को स्वीकार करते हुए कोनी निवासी यास्मीन और महफूज़ ने कड़ी मेहनत व लगन से बड़ी सफलता हासिल की है। बचपन से ही पाक-कला के प्रति रुचि रखने वाले भाई-बहन यास्मीन और महफूज़ ने मास्टर शेफ इंडिया प्रतियोगिता में जंगल भोज व्यंजन के माध्यम से अपनी खास पहचान बनाई है।
लगातार कड़े मुकाबलों से गुजरते हुए दोनों ने प्रतियोगिता की अंतिम 12 जोड़ियों में अपना स्थान सुरक्षित कर लिया है। खास बात यह रही कि उनके पारंपरिक जंगल भोज व्यंजन को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहचान मिली, जिससे छत्तीसगढ़ की स्थानीय पाक-संस्कृति को नया मंच प्राप्त हुआ।
यास्मीन और महफूज़ के पिता अब्दुल कादिर, जो वन विभाग से सेवानिवृत्त निरीक्षक हैं, तथा माता सरवरी बानो, एक गृहिणी हैं। परिवारजनों ने बताया कि दोनों को बचपन से ही नए-नए व्यंजन बनाने का शौक था, जो आज उन्हें इस मुकाम तक ले आया है।
इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में देशभर से कुल 56 जोड़ियों ने भाग लिया, जिसकी शुरुआत 1 दिसंबर से हुई थी। महफूज़ पेशे से वेटनरी डॉक्टर हैं, जबकि यास्मीन एक गृहिणी हैं। दोनों की यह सफलता न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे बिलासपुर जिले के लिए गर्व का विषय है।