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पत्नी की हत्या में सजा काटकर जेल से बाहर आकर युवक ने दूसरी महिला की कर दी हत्या,एक साल बाद आरोपी गिरफ्तार

:पत्नी की हत्या के मामले में जेल से छूटने के बाद आरोपी ने दूसरी महिला को झांसे में ले डेढ़ माह तक रखा। फिर घर छोड़ने के बहाने साड़ी से गला घोंट हत्या कर दी। शव को सूखे पत्ते इक्कठा कर जला दिया और जेवर लेकर फरार हो गया। एक साल बाद हत्या का आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आया। उसके पास से महिला के जेवर भी बरामद किए गए है

महासमुंद। पत्नी की हत्या के मामले में युवक जेल से सजा काटकर बाहर निकला। इसके बाद एक महिला को झांसे में लिया। फिर एक माह तक दोनों साथ रहे। इस बीच महिला अपने घर जाने की जिद की तो युवक ने सुनसान रास्ते में ले जाकर महिला की हत्या कर दी। साथ ही जेवर लूटकर फरार हो गया था। पुलिस एक साल से आरोपी की तलाश कर रही थी। एक साल बाद महासमुंद पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया है। मामला तुमगांव थाना क्षेत्र का है।

2 अप्रैल 2025 को पीड़ित देवदास चेलक ने पुलिस को सूचना दी थी कि उलट कोडार डेम के सागौन जंगल में एक अज्ञात महिला का शव जले हालत में क्षत विक्षत पड़ी है। सूचना पर तुमगांव पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। विवेचना के दौरान अज्ञात महिला का डीएनए टेस्ट से पहचान सुनीता रजक पति राजेश रजक (55) धमतरी निवासी के रूप में हुई। मृतका के परिजनों ने बताया कि सुनीता अपनी बड़ी बहन के घर ग्राम पटेवा मड़ई मेला देखने गई थी। 30 जनवरी 2025 को पटेवा से महासमुन्द जाने के लिए किसी अज्ञात व्यक्ति से मोटरसायकल में लिफ्ट लेकर निकली थी। जिसकी थाना पटेवा में गुम इंसान कायमी किया गया था। अज्ञात महिला की शव की पहचान होने के बाद पुलिस द्वारा लगातार आरोपी की पतासाजी किया जा रहा था। संदेही सूरज धु्रव पिता हृदय धु्रव निवासी ग्राम खुंटेरी थाना खल्लारी से पुछताछ की गई। इस दौरान सूरज ने अपराध करना स्वीकार किया। 30 जनवरी की 2025 को सूरज मोटरसायकल लेकर सुबह के वक्त पटेवा बस्ती की ओर घुमने गया था। वहां से वापसी के समय ग्राम पटेवा के नंदी चौक के पास उससे एक महिला ने लिफ्ट मांगकर अपनी बहन को आगे बस स्टैंड तक छोडऩे के लिए कहा तब वह उस महिला को अपने गाड़ी में बैठाकर महासमुंद ले जाउंगा बोलकर, उसे अपने झांसेे में लेकर कोडार डेम घुमाने ले गया। इस बीच उसने महिला को बातों में फंसाकर, काम दिलाउंगा और अपने साथ रखूंगा, और तुम्हारे घरवालों को भी नया काम मिला है करके बता देंगें, बोलकर उसे अपने जीजा के घर के पीछे वाले घर जो कई वर्षो से बंद था में ले गया। वहां सुनीता रजक के लिए रहने, सोने, और खाने का इंतजाम कर दिया। ऐसे ही करीबन डेढ. माह बीत जाने पर सुनीता अपने घर जाने की जिद करने लगी।

हत्या कर जेवर लूट लिया था आरोपी :–

घर पहुंचाने की बात पर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। मार्च महीने के अंतिम सप्ताह में एक दिन शाम को 7.30 बजे खाना खिलाकर सुनीता को घर छोडऩे के लिए बाइक से निकल गया। फिर उसे उलट कोडार बस्ती को पार करके कच्ची सडक़ रास्ते में सागौन प्लॉट में ले गया। वहां पर सूनसान जंगल देखा तो अपने मोटर सायकल को खराब हो गई है बोलकर रोक दिया। उसी समय महिला की साड़ी से उसका गला दबाकर हत्या कर दी। फिर जेवर को अपने पास रख लिया। सागौन जंगल के अंदर ले जाकर बैग से साड़ी व अन्य कपड़े निकालकर शव में लपेट दिया। फिर सुखे पत्ते व लकड़ी से आग लगा दी थी। वहां से वापस अपने घर आ गया था।

पुलिस ने जेवर किया जब्त :–

मृतिका की जेवर दो नग सोने का टाप, दो नग चांदी का पायल, 6 नग चांदी का बिछीया, मृतिका के बैग में रखे सोने झुमका का एक नग, घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल सीजी 06 जीए 3140 को आरोपी के कब्जे से जब्त किया गया है। आरोपी के विरूद्व पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने से उसे जेल भेज दिया गया है।

साल 2018 में पत्नी की हत्या की थी:–

आरोपी ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि 1 अप्रैल 2018 को अपनी पत्नी संतोषी ध्रुव की हत्या के जुर्म में तुमगांव थाना के मामले में दिसम्बर 2024 तक जेल में सजा काटा है। जेल से छुटने के बाद वह अपने बहन और जीजा के घर ग्राम कौंवाझर में रहता था। अपने जीजा जी के स्पलेण्डर मोटर सायकल को चलाता था।

अंधे कत्ल को सुलझाने में थाना प्रभारी तुमगांव निरीक्षक दिनेश कुमार यादव, निरीक्षक विनोद कश्यप सायबर सेल, प्रआर आबिद खान, आर कीर्तन सिन्हा, फलेश वर्मा, कमलेश निर्मलकर, महेन्द्र क्षत्रिय, मोनू नामदेव, मआर तृष्णा मारकण्डेय का विशेष योगदान रहा।

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