साहित्यकार गौरी शंकर श्रीवास्तव पथिक का निधन

बिलासपुर।मध्य प्रदेश ,सतना जवाहर नगर के प्रतिष्ठित नागरिक, प्रसिद्ध साहित्यकार, लेखक,भारतीय खाद्य निगम में प्रबंधक पद से सेवानिवृत्त गौरी शंकर श्रीवास्तव का गुरुवार को निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार 23 जनवरी शुक्रवार को प्रयागराज में किया जाएगा। वे 86 वर्ष के थे। वे अपने पीछे चार पुत्रियां , नाती पोते से भरा पूरा परिवार छोड़कर। वे कीर्ति वर्मा, चंदा श्रीवास्तव , अलका वर्मा, कविता वर्मा के पिता तथा बिलासपुर निवासी कैलाश चंद्र वर्मा, अखिल वर्मा, इलाहाबाद के अंबिका प्रसाद नामदेव, जबलपुर निवासी संदीप वर्मा के ससुर थे। ऋषि वर्मा, विवेक श्रीवास्तव, अभिजीत वर्मा के नाना जी थे। मनीष श्रीवास्तव के दादाजी थे। स्वर्गीय गौरी शंकर श्रीवास्तव बिलासपुर, कटनी सतना, रीवा सहित कई शहरों में भारतीय खाद्य निगम में अपनी सेवाएं दी। डीपी विप्र, राजभाषा आयोग के पूर्व अध्यक्ष विनय पाठक के साथ साहित्य जगत में अपनी पहचान बनाई थी। पथिक जी नहीं अपने जीवन काल में साहित्य की कई पुस्तकें भी लिखी। उनकी कविताएं तथा साहित्य का समय-समय पर समाचार पत्रों में प्रकाशन भी हुआ। उनके निधन से नामदेव समाज तथा साहित्य जगत में शोक की लहर है।