कोटा बीईओ फिर विवादों में, बच्चों की पढ़ाई बनी शिकार…
कबड्डी प्रतियोगिता के नाम पर पढ़ाई प्रभावित
बिना अनुमति 48 शिक्षकों की ड्यूटी, शिक्षा विभाग सख्त
बिलासपुर।कोटा के बीईओ एनके. मिश्रा एक बार फिर विवादों में घिरते नजर आ रहे हैं।इस बार मामला सीधे बच्चों की पढ़ाई से जुड़ा है।कोटा में 23 से 25 जनवरी तक स्वतंत्रता सेनानी शहीद वीरनारायण सिंह की स्मृति में तीन दिवसीय अखिल भारतीय कबड्डी प्रतियोगिता का आयोजन किया जा रहा है।इस प्रतियोगिता में देश के 17 राज्यों की महिला और पुरुष टीमें हिस्सा ले रही हैं।लेकिन इसी आयोजन को लेकर शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है।
आरोप है कि बीईओ एनके. मिश्रा ने बिना उच्चाधिकारियों की अनुमति परीक्षा के दौरान 48 शिक्षक और व्यायाम शिक्षकों की ड्यूटी सीधे कबड्डी प्रतियोगिता में लगा दी।इस फैसले के चलते शिक्षकों को कक्षा छोड़कर तीन दिनों तक मैदान में रहना पड़ेगा,जिससे छात्रों की पढ़ाई पर सीधा असर पड़ा है।मामले की शिकायत मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच कराई और लापरवाही पाए जाने पर कोटा बीईओ को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
शिक्षा मंत्री की बैठक में खा चुके है फटकार
शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव विभागीय समीक्षा बैठक लेने बिलासपुर जिले पहुंचे हुए थे। यहां उन्होंने संभाग भर के डीईओ,डीएमसी, बीईओ की बैठक ले कार्यों की समीक्षा की थी। इस दौरान नियम विरुद्ध आधा दर्जन शिक्षकों के अटैचमेंट करने पर मंत्री नाराज हो गए थे। मंत्री की फटकार सुनकर कोटा बीईओ बेहोश हो गए थे।
कांग्रेस विधायक के संरक्षण में हो रहे कबड्डी में बीईओ ने लगाई 44 शिक्षकों की ड्यूटी
कांग्रेस विधायक के संरक्षण और मार्गदर्शन में हो रहे निजी कबड्डी प्रतियोगिता में विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने व्यायाम शिक्षकों समेत 44 शिक्षकों की ड्यूटी लगा दी। जिसके चलते प्री बोर्ड और प्रैक्टिकल परीक्षाएं प्रभावित होने तथा परीक्षा परिणाम बिगड़ने का खतरा मंडरा गया है। कबड्डी प्रतियोगिता में विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने 24 व्यायाम शिक्षकों समेत 44 शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई है। प्री बोर्ड परीक्षाओं और बोर्ड कक्षाओं की प्रैक्टिकल परीक्षाओं के बीच कब्बड्डी में व्यायाम शिक्षकों के अलावा अन्य शिक्षकों की ड्यूटी लगने से पढ़ाई प्रभावित हो रही है।
वर्जन
परीक्षा के समय पढ़ाई बाधित करना गंभीर मामला है, जवाब के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी
विजय टांडे
डीईओ बिलासपुर