साहित्यकार के अपमान के बाद कुलपति का बड़ा एक्शन,
खुद को बचाने के लिए एचओडी डॉ. गौरी त्रिपाठी को पद से हटाया
बिलासपुर। गुरु घासीदास केंद्रीय विश्वविद्यालय में साहित्यकार के अपमान का मामला अब और गहरा गया है। राष्ट्रीय परिसंवाद के दौरान हुए विवाद के बाद, कुलपति प्रोफेसर आलोक चक्रवाल ने सारा दोष विभाग पर मढ़ते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. गौरी त्रिपाठी को उनके पद से हटा दिया है। उनकी जगह असिस्टेंट प्रोफेसर रमेश गोहे को नया विभागाध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
दरअसल विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा ‘समकालीन हिंदी कहानी’ विषय पर एक राष्ट्रीय परिसंवाद का आयोजन किया गया था। इस गरिमामय कार्यक्रम में मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और ओडिशा सहित देशभर के जाने-माने साहित्यकार और प्रोफेसर शामिल हुए थे।संबोधन के दौरान कुलपति आलोक चक्रवाल विषय से भटककर अपने निजी जीवन, गुजराती और बनारसी अनुभवों तथा अपनी उपलब्धियों का बखान करने लगे। काफी समय तक व्यक्तिगत कहानियाँ सुनने के बाद वहां मौजूद साहित्यकार असहज होने लगे।