राशि स्टील प्लांट मे राष्ट्र ध्वज का अपमान : प्लांट डायरेक्टर रोहित अग्रवाल-ज्योति अग्रवाल के तिरंगा झण्डा फहराते ही जमीन पर आ गिरा

जमीन पर गिरे तिरंगे झंडे को तत्काल उठाने मे भी बरती लापरवाही, जनप्रतिनिधियों ने शिकायत कर की कार्यवाई की मांग
पूर्व मे भी 15 अगस्त के अवसर पर प्लांट मे झण्डा वंदन के बाद राशि प्लांट के लगवाए थे जिंदबाद के नारे
बिलासपुर : एक ओर जहा पुरे देश मे 77 गणतंत्र दिवस बड़े ही धूमधाम से मनाया जा रहा था वही दुसरी ओर राशि स्टील द्वारा गंभीर लापरवाही बररते हुए ध्वजा रोहण व राष्ट्रगान के दौरान तिरंगा झंडा फहराते ही जमीन पर झण्डा गिर गया, हद तो तब हो गई जब जमीन पर गिरे झंडे को तत्काल ससम्मान उठाने की बजाय सभी मुकदर्शक बन खड़े रहे इस पुरी घटना का विडियो भी सामने आया है जिसके बाद राशि प्लांट डायरेक्टर रोहित अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल व जीएम चिंटू मिश्रा के खिलाफ जनप्रतिनिधियों सहित जनता मे आक्रोश भर आया तथा राष्ट्र ध्वज का अपमान कर की शिकायत थाने मे दर्ज कराई है|

मस्तूरी जनपद के पाराघाट मे स्थित राशि स्टील मे 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया था इस दौरान राशि प्लांट डायरेक्टर रोहित अग्रवाल, ज्योति अग्रवाल व जीएम चिंटू मिश्रा सहित प्लांट के कर्मचारी व सुरक्षा बल के जवान उपस्थित थे, झण्डावदन व राष्ट्रगान के दौरान तिरंगा झंडा फहराते ही जमीन पर झण्डा गिर गया, हद तो तब हो गई जब जमीन पर गिरे झंडे को तत्काल ससम्मान उठाने की बजाय सभी मुकदर्शक बन खड़े रहे, प्लांट प्रबंधन की यह पहली लापरवाही नहीं है इससे पूर्व भी 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के दौरान भी राष्ट्रगान के बाद भारत माता की जय के नारे लगाने की बजाए राशि स्टील की जय जैसे नारे लगाए गए थे|
ध्वजारोहण के दौरान राशि प्लांट प्रबंधन की गंभीर लापरवाही के चलते भारत की अस्मिता के प्रतीक राष्ट्रीय ध्वज का अपमान किया गया जिसको लेकर क्षेत्र की जनता के साथ ही जनप्रतिनिधियों मे भी आक्रोश देखा जा रहा है वही इस पूरे घटना को लेकर जनप्रतिनिधियों व काँग्रेस नेताओ ने तहसीलदार मस्तूरी को ज्ञापन सौपकर कार्रवाई की मांग किया है| ज्ञापन सौपने के दौरान कांग्रेस नेता व जनपद सदस्य मस्तूरी देवेंद्र कृष्णन, भोला राम साहू अध्यक्ष ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मस्तूरी राहुल राय एनएसयू आई के राष्ट्रीय पदाधिकारी,साहिल मधुकर ब्लॉक अध्यक्ष युवक कांग्रेस मस्तूरी,ऋतू भारद्वाज सहित भारी संख्या मे कांग्रेसी उपस्थित थे
राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर सजा का है प्रावधान
भारतीय तिरंगे का अपमान करना, जैसे उसे जलाना, फाड़ना, या जमीन पर गिराना, राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 की धारा 2 के तहत एक गंभीर और दंडनीय अपराध है। इसके लिए दोषी को 3 साल तक की जेल, जुर्माना, या दोनों हो सकते हैं। यह एक संज्ञेय अपराध है।
मुख्य कानूनी प्रावधान:
राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 (Section 2): सार्वजनिक रूप से झंडे का अनादर करने पर सजा।
भारतीय ध्वज संहिता, 2002: यह तिरंगे को फहराने और इस्तेमाल करने के नियम बताती है, जिनका पालन न करने पर भी कानूनी कार्यवाही हो सकती है।
अपमान के उदाहरण: झंडे को उल्टा फहराना, गंदा होना, जमीन छूना, या कपड़ों के रूप में पहनना।
पुलिस कार्यवाही: पुलिस बिना वारंट गिरफ्तार कर सकती है।
तिरंगे का सम्मान करना हर नागरिक का कर्तव्य है।