शिक्षक का कार्य केवल सिखाना ही नहीं होता है बल्कि बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व के लिए हर संभव प्रयास करना है – कलेक्टर संजय अग्रवाल

उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान, बिलासपुर मे महोत्सव के द्वितीय सोपान का भव्य आयोजन
बिलासपुर।उन्नत शिक्षा अध्ययन संस्थान, बिलासपुर में वार्षिकोत्सव सत्र 2025-26 का भव्य उद्घाटन समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में बिलासपुर के जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एवं डीआईजी रजनेश सिंह उपस्थित रहे।

कार्यक्रम की शुरुआत मशाल प्रज्वलन, धावक परिक्रमा एवं मशाल स्थापना के साथ हुई, जिसे बीएड प्रशिक्षार्थी भारती एवं रविशंकर ने संपन्न किया। इसके पश्चात महाविद्यालय की प्राचार्य श्रीमती मीता मुखर्जी सहित प्रशिक्षार्थियों एवं आचार्यों द्वारा मुख्य एवं विशिष्ट अतिथियों का पुष्पगुच्छ एवं प्रतीक पुष्प से अभिनंदन किया गया।

संस्थान के प्रशिक्षार्थियों ने मास्टर आफ सेरेमनी करीम खान के नेतृत्व में भव्य मार्च पास्ट प्रस्तुत किया, जिसके उपरांत स्वागत गीत और विविध सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने समां बांधा। आकर्षण का केंद्र छत्तीसगढ़ी ‘बारामासी’ नृत्य तथा बंगाली नृत्य ‘झुमुर’ रहा, जिसमें प्रशिक्षार्थियों ने अपनी अद्भुत प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
अतिथि द्वय के अध्ययन एवं सेवायात्रा संबंधित परिचय महाविद्यालय के सहायक प्राध्यापक एवं रेडक्रॉस सोसाइटी के जिला समन्वयक सौरभ सक्सेना ने दी। तत्पश्चात
महाविद्यालय की गतिविधियों एवं उपलब्धियों का प्रतिवेदन प्राचार्य प्रो. मीता मुखर्जी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जबकि प्रशिक्षार्थी प्रतिनिधि सोहित पटेल ने समस्या एवं आवश्यकता से संबंधित मांगपत्र का वाचन किया एवं मांग पत्र सौपा। विशिष्ट अतिथि श्री रजनेश सिंह जी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में शिक्षा के नैतिक मूल्यों, संस्कार निर्माण, अध्यात्म, ऊर्जा की अवधारणा एवं आधुनिक तकनीक जैसे AI पर सारगर्भित विचार रखे। मुख्य अतिथि कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल जी ने विद्यार्थियों को लक्ष्य पर निरंतर कार्य करने, सामाजिक दायित्व निभाने एवं जीवन में सकारात्मक भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करते हुए प्रशिक्षार्थियों द्वारा किये गये शानदार मार्च-पास्ट एवं बैंड वादन की खूब तारीफ की तथा अनुशासनबद्ध तरिके से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी तथा कहा कि शिक्षक का व्यक्तिगत जीवन भी समाज को प्रभावित करने वाला होता है इसलिए शिक्षक को व्यक्तिगत जीवन में भी अनुशासित एवं मर्यादित होना चाहिए तथा उन्हें अपने विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास हेतु हर संभव प्रयास करने चाहिए। उद्बोधन के पश्चात् कलेक्टर महोदय ने उद्घाटन की विधिवत घोषणा की एवं महाविद्यालय ध्वजारोहण के पश्चात रंग-बिरंगे गुब्बारे उड़ाकर समारोह का शुभारंभ किया।

अतिथियों के समक्ष खेलकूद प्रतियोगिताओं में 100 मीटर दौड़ (महिला एवं पुरुष) के फाइनल मुकाबले हुए, जिसमें महिला वर्ग में शिवम निकेतन ने एकतरफा कब्ज़ा जमाया जिसमें सबसे तेज दौड़ते हुए भारती ने प्रथम स्थान प्राप्त किया ज्ञानदेवी द्वितीय तथा नैनसी टोप्पो तृतीय स्थान पर रहीं। वहीं पुरुष वर्ग में प्रथम शिवम् निकेतन के योगेन्द्र कुमार, द्वितीय सुंदरम के पुष्पेंद्र एवं तृतीय मधुरम के विनोद पटेल रहें।विजेताओं को अतिथियों द्वारा विक्ट्री स्टेंड पर क्राऊन एवं बुके से सम्मानित किया गया। प्रथम सत्र के समापन पर सहायक प्राध्यापक डॉ. संजय मनोहर आयदे द्वारा आभार प्रदर्शन किया गया।
कार्यक्रम का सफल संचालन कार्यक्रम संयोजक डॉ. अजिता मिश्रा ने किया संपूर्ण आयोजन उत्साह, ऊर्जा एवं शैक्षणिक उत्कृष्टता का प्रतीक रहा, जिसमें महाविद्यालय के आचार्य वृंद, कार्यालयीन स्टाफ एवं प्रशिक्षार्थियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई

आज के द्वितीय सोपान में गोला एवं तवा फेंक की प्रतियोगिता संपन्न हुई।जिसमें गोला फेंक महिला वर्ग में प्रथम स्थान मधुरम की इंद्राणी पाल, द्वितीय शिवम् की ज्ञानदेवी बुड़ेक एवं तृतीय स्थान पर सत्यम की समिता चक्रेश रही , वहीं पुरुष वर्ग में सुंदरम के पुष्पेंद्र, सत्यम के निकोलस एवं शिवम् के आशीष पंकज ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया।तो वहीं तवा फेंक महिला वर्ग में शिवम की नैनसी टोप्पो प्रथम, द्वितीय सत्यम की समिता चक्रेश एवं तृतीय सुंदरम की नीला सिदार रही। तथा पुरुष वर्ग में सुंदरम के पृथ्वीराज सिंह, पुष्पेंद्र एवं सत्यम के कीर्तन घृतलहरे ने क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त किया आज के खेल का समापन पुरुष वर्ग के 800 मीटर की दौड़ से हुआ जिसमें सत्यम के अमर मलिक ने आखिरी समय में बाजी मारते हुए प्रथम स्थान एवं सुंदरम के रवि यादव द्वितीय तथा शिवम् के योगेन्द्र कुमार ने तृतीय स्थान प्राप्त प्राप्त किया ।
आज के समस्त व्यक्तिगत खेल में सुभाष त्रिपाठी, राकेश बाटवे, स्वर्णिम शुक्ला, अमृता मिश्रा, आशीष लहरे एवं खेल समन्वयक करीम खान ने निर्णायक की भूमिका निभाई।
आज के कार्यक्रम में विशेष रूप से महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्य एवं सेवानिवृत्त अतिरिक्त संचालक एस सी ई आर टी रायपुर डॉ निशी भाम्बरी, खेल विभूति श्री आर बी कैवर्त, सेवानिवृत्त आचार्य डॉ अरूण पोद्दार, डॉ डी के जैन, डॉ छाया शर्मा, सुश्री आशा बनाफर , बी टी आई प्राचार्य ए पॉल, सहित संस्था की प्राचार्य प्रो.श्रीमती मीता मुखर्जी, श्रीमती अंजना अग्रवाल, श्रीमती मनीषा वर्मा, एन.एम. रिज़्वी, डॉ. रीमा शर्मा, डॉ. संजय आयदे, सौरभ सक्सेना, डॉ. नीला चौधरी, डॉ सुनीता बानी, श्रीमती नूपुर कुजूर, डॉ राजेन्द्र तिवारी, संजय शर्मा, डॉ संगीता श्रीवास्तव, डॉ रजनी यादव डॉ.सलीम जावेद, डॉ.विद्याभूषण शर्मा, श्रीमती राजकुमारी महेन्द्र, डॉ.गीता जायसवाल, पवन कुमार पाण्डेय, डॉ. वंदना रोहिल्ला, श्रीमती रश्मि पाण्डेय, श्रीमती सोनल जैन, जितेन्द्र साहू, दुष्यंत चतुर्वेदी, श्रीमती निधि शर्मा, श्रीमती संतोषी फर्वी, ए.के.भास्कर, कमल कुमार देवांगन, श्रीमती भगवती कश्यप, श्रीमती गीतू गुरूद्वान, जयेन्द्र कुमार मिरे, मुरारी लाल यादव, रईस खान, अभिनव, किशोर, पूनम एवं खिलेन्द्र आदि आचार्यवृंद कार्यालयीन स्टाफ तथा बी एड के प्रशिक्षार्थी उपस्थित रहें।
इसकी जानकारी कार्यक्रम समन्वयक एवं खेल प्रभारी करीम खान ने दी।