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पुरानी पेंशन पर आर-पार की लड़ाई, सड़कों पर उतरे शिक्षक

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हाईकोर्ट का आदेश,सरकार से टकराव शिक्षकों ने खोला मोर्चा….

शिक्षकों का सरकार को अल्टीमेटम, नहीं मानी मांग तो उग्र आंदोलन…

बिलासपुर।पुरानी पेंशन और क्रमोन्नति की मांग को लेकर अब शिक्षक आर-पार की लड़ाई के मूड में नजर आ रहे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया है और सरकार को साफ शब्दों में चेतावनी दी है।

बिलासपुर कलेक्टोरेट परिसर में बड़ी संख्या में शिक्षक पहुंचे। शिक्षकों के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और वित्त मंत्री के नाम 7 सूत्रीय ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। शिक्षकों ने कलेक्टर संजय अग्रवाल और संयुक्त कलेक्टर अभिषेक दीवान को अपनी समस्याओं से अवगत कराया।शिक्षकों की सबसे बड़ी मांग उच्च न्यायालय बिलासपुर के 23 जनवरी 2026 के फैसले से जुड़ी है। एसोसिएशन का कहना है कि संविलियन से पहले की सेवा अवधि को पेंशन योग्य सेवा माना जाए और उसी आधार पर पूर्व सेवा गणना का आदेश जारी किया जाए।इसके साथ ही शिक्षकों ने 33 वर्ष के बजाय 20 वर्ष की सेवा पर पूर्ण पुरानी पेंशन, यानी 50 प्रतिशत पेंशन का लाभ देने की मांग की है। न्यूनतम पेंशन की अर्हता 10 वर्ष से घटाकर 5 वर्ष करने की भी जोरदार मांग उठाई गईपदोन्नति से वंचित सहायक शिक्षकों के लिए भी संगठन ने आवाज बुलंद की। शिक्षकों का कहना है कि वन टाइम रिलेक्सेशन देते हुए 5 वर्ष की सेवा में ही क्रमोन्नति दी जाए। वहीं टेट की अनिवार्यता खत्म करने, विभागीय सीमित परीक्षा कराने और मोबाइल वीएसके एप से उपस्थिति के बजाय बायोमेट्रिक सिस्टम लागू करने की मांग भी रखी गई। प्रदेश सचिव मनोज सनाढ्य और जिलाध्यक्ष संतोष सिंह ने कहा कि अगर सरकार ने जल्द फैसला नहीं लिया, तो प्रदेशभर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

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