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ईनामी सटोरिया ने पुलिस पर लगाया गंभीर आरोप, एसएसपी बोले- छटा हुआ जुआरी है आरोपी

एसएसपी भोजराम पटेल ने आरोपी द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताया।

बोले,आरोपी पर जुआ, सट्टा के कई मामले दर्ज,

पुलिस बोली,सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने की जानकारी भी नियमानुसार थाने को देना था मगर उसने नहीं दिया

बिलासपुर। मुंगेली जिले में सक्रिय खाईवाल पर कड़ी कार्रवाई करते हुए करीब तीन महीने पहले उसके अवैध कब्जे के मकान को प्रशासन के निर्देश पर तोड़ दिया गया था। इस बीच आरोपी न्यायालय के शरण में पहुंच गया। लोवर कोर्ट और हाई कोर्ट ने उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी। इसके बाद उसे सुप्रीम कोर्ट से जांच में सहयोग करने के निर्देश के साथ ही जमानत दे दी गई। अब पुलिस उसके घर पूछताछ के लिए पहुंची थी। जमानत के आदेश देखने के बाद पुलिस उससे मामले की पूछताछ के बाद लौट गई।

इस मामले में एसएसपी भोजराम पटेल ने आरोपी द्वारा पुलिस पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद बताया। उन्होंने कहा कि अरोपी पर जुआ, सट्टा के कई मामले हैं। सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने की जानकारी भी नियमानुसार थाने को देना था मगर उसने नहीं दिया। आरोपी कई महीने से फरार था। उस पर पुलिस ने ईनाम घोषित किया था। अभी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस उसके घर पहुंची तो आरोपी के बेटे ने सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने की जानकारी दी। उसके बाद पुलिस लौट गई।
मुंगेली एसएसपी भोजराम पटेल ने बताया कि फास्टरपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम खैरी में रहने वाला योगेंद्र शर्मा उर्फ भर्रा उर्फ लाला महराज खाईवाल है। वह आसपास के गांव के युवकों को लालच देकर सट्टे के कारोबार से जोड़कर अवैध रूप से मोटी कमाई कर रहा था। लगातार मिल रही शिकायत के बाद पुलिस ने उस पर शिकंजा कसा। उसके खिलाफ जुर्म दर्ज कर तलाश शुरू की गई। इस बीच अरोपी फरार हो गया।
इधर आरोपी सट्टे की कमाई से गांव में अवैध कब्जा कर मकान और दुकान का निर्माण करा रहा था। प्रशासन के निर्देश पर अवैध कब्जे को ढहा दिया गया। इस बीच आरोपी न्यायालय के शरण में पहुंच गया। निचले अदालत और हाई कोर्ट से उसकी जमानत अर्जी खारिज कर दी गई। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने उसे पुलिस की जांच में सहयोग के निर्देश के साथ जमानत दी है। अब पुलिस उससे पूछताछ के लिए घर पहुंची थी।

आरोपी है आदतन बदमाश, कई मामले हैं दर्ज

एसएसपी भोजराम पटेल ने बताया कि आरोपी योगेंद्र शर्मा उर्फ भर्रा उर्फ लाला महराज आदतन बदमाश है। उसके खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। उसके पुराने अपराधिक रिकार्ड को देखते हुए न्यायालय ने जमानत अर्जी खारीज की थी। बाद में उसे सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली है। जमानत के आदेश देखने के बाद पुलिस की टीम पूछताछ के बाद लौट आई। पुलिस ने उसे अपराधिक गतिविधियों से दूर रहने चेतावनी दी है।

क्षेत्र के युवाओं को सट्टे के कारोबार से जोड़ रहा था आरोपी

एसएसपी ने बताया कि पुलिस की जांच में पता चला है कि आरोपी योगेंद्र शर्मा खुद सट्टा खाईवाल है। वह क्षेत्र के युवाओं को सट्टे के कारोबार से जोड़कर उन्हें अपराधिक गतिविधियों की ओर धकेल रहा था। जिसके बाद पुलिस ने शिकंजा कसते हुए उसके खिलाफ कार्रवाई की है। जिसके बाद से वह लगातार फरार चल रहा था। बीते दिनों सुप्रीम कोर्ट से जमानत आदेश मिलने के बाद वह गांव लौटा था।

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