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आईटी की दबिश से कोल कारोबारियों के मचा हुआ है हड़कंप…महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइल को ले गई है अपने साथ

एसआइआर सर्वे स्टीकर लगी गाड़ियों से पहुंची थी टीम,

दफ्तर-घर-फैक्ट्रियों में की बारीकी से जांच

बिलासपुर। एमपी, छत्तीसगढ़,दिल्ली और अन्य राज्यों से पहुंची आयकर विभाग की ताबड़तोड़ कार्रवाई से कोल कारोबारियो में हड़कंप मचा हुआ है। बिलासपुर के जाने माने कोयला व्यवसायी प्रवीण झा के फील ग्रुप से जुड़े कई ठिकानों और प्रमोद अग्रवाल के ठिकाने पर आयकर विभाग की टीम ने एक साथ दबिश दी। जिसमें आईटी की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद महत्वपूर्ण दस्तावेज और फाइल को अपने साथ लेकर गई है।इस बीच कोयला कारोबारियो की दिल की धड़कने तेज बनी रहीं।इस बीच करोड़ों के हेरेफर करने
की सूचना सूत्रों से मिली है।जिसकी जांच की जा रही है।

बता दे आयकर विभाग की टीम गुरुवार की सुबह अचानक बिलासपुर पहुंची और एक साथ सीधे फील ग्रुप के ऑफिस, आवास और फैक्ट्रियों में दबिश देकर जांच शुरू कर दी।दिल्ली,एमपी और प्रदेश के अलावा अन्य राज्यों से पहुंचे अधिकारियों की गाड़ियां एसआईआर सर्वे टीम की स्टीकर लगी हुई थी। दबिश देने के साथ ही आईटी की टीम अलग-अलग एक साथ कई ठिकानों पर दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन से जुड़े रिकॉर्ड खंगाली।इसमें आईटी की टीम ने
घुटकू के प्लांट और रामा वर्ल्ड स्थित आवास पर टीम ने जांच करके कार्रवाई की। इस बीच आईटी की टीम ने कंप्यूटर हार्ड डिस्क,फाइलों और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच की। इस कार्रवाई के दौरान बाहरी लोगों की आवाजाही बंद कर दी गई थी। साथ ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के इंतजाम भी किए गए रहे। आईटी की टीम ने प्लांट के दस्तावेजों का मिलान बारीकी से किया और उसके बारे में पूछताछ की।

कोल कारोबारी प्रमोद अग्रवाल के घर पर भी दबिश

कोल कारोबारी में आयकर विभाग की टीम ने जब एक साथ कई ठिकानों पर दबिश दी तो उसमें एक नाम रामा वर्ल्ड स्थित निवासी गिरधारीलाल अग्रवाल और प्रमोद कुमार अग्रवाल के ठिकाने भी प्रमुख रूप से निशाने पर रहे। गिरधारीलाल अग्रवाल और प्रमोद अग्रवाल के ठिकानों पर दस्तावेजों की गहन जांच की गई है। जिसमें कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए है।
इसके अलावा आईटी की टीम ने जयरामनगर क्षेत्र में अंशु मुरारका से जुड़े निर्माण प्रतिष्ठान की भी जांच की ।
यही नहीं आयकर टीम ने ‘कलवा श्री’ के संचालक से जुड़े ठिकानों पर भी दबिश देकर फाइल और दस्तावेज की जांच की।
जिसमें आईटी की टीम ने कुछ दस्तावेज और फाइल लेकर रवाना हुए ।

आयकर चोरी की मिली थी सूचना

सूत्र बता रहे है कि गंभीर वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आईटी की टीम ने दबिश दी थी।इसमें अधिकारियों को आशंका थी कि कोल वाशरी में बड़े पैमाने पर कोल मिक्सिंग कर टैक्स में हेराफेरी की जा रही है। कारोबार से होने वाली वास्तविक आय की तुलना में बहुत कम टैक्स चुकाए जाने का संदेह है। जांच टीम को कंपनी के खातों और दस्तावेजों में कई विसंगतियां और टैक्स चोरी के ठोस प्रमाण मिले है।जिसकी जांच बारीकी से करने के बाद कार्रवाई की जाएगी।

महावीर कोल वाशरी,फिल ग्रुप और पारस कोल वाशरी ने मिलकर 27.50 करोड़ रुपये किया था सरेंडर

बता दे करीब दो माह पहले बिलासपुर में स्टेट जीएसटी की टीम ने तीन कोल कारोबारियों के ठिकानों पर रेड की थी। उस दौरान महावीर कोल वाशरी, फिल ग्रुप और पारस कोल वाशरी ने मिलकर कुल 27.50 करोड़ रुपये सरेंडर किए थे। उसी जांच से मिले इनपुट्स के आधार पर अब आयकर विभाग ने यह घेराबंदी की है।
छापेमारी के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।सूत्र बता रहे है कि इसमें भी करोड़ो का हेरफेर करने की शिकायत मिली है।जिसकी जांच जारी है।

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