तलाक विवाद के बीच ड्रग्स बरामदगी पर साजिश का आरोप…एसएसपी से निष्पक्ष जांच की मांग

पीड़ित परिवार पहुंचे न्याय की गुहार पर
बिलासपुर। सरकण्डा क्षेत्र में नशीले पदार्थ की बरामदगी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। बंधवापारा, सरकण्डा निवासी श्रेया सिंह एवं श्रेणी सिंह और पड़ोसियों ने एसपी से लिखित शिकायत कर आरोप लगाया है कि उनकी मां शिवरानी सिंह को साजिश के तहत फंसाया गया है। शिकायत में पूर्व से चल रहे पारिवारिक विवाद, कोर्ट में लंबित तलाक प्रकरण और कथित धमकियों का उल्लेख करते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।एसपी
के पास पहुंचे लोगों के आवेदन के माध्यम से कहा है कि यह जरूर किसी ने साजिश की है जिसमें पूरे परिवार को फँसाने की साजिश रची है।इसलिए पुलिस कर्मियों के माध्यम से
जांच करके नशीली दवाओं की तस्करी करने के नाम पर फंसाया गया है।जबकि इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है और न ही इस तरह का कोई अवैध कारोबार से संबंध रखते है।
12 साल से चल रहा है तलाक प्रकरण, धमकी का आरोप
आवेदन में बताया गया है कि शिवरानी सिंह और रामकिशोर सिंह ठाकुर के बीच तलाक का प्रकरण पिछले 12 वर्षों से न्यायालय में लंबित है। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, रामकिशोर सिंह ठाकुर द्वारा कोर्ट के बाहर कथित रूप से धमकी दी गई थी कि चल रहे सभी केस वापस ले लिए जाएं, अन्यथा किसी अन्य मामले में फंसा दिया जाएगा। आवेदन में यह भी आरोप है कि उन्होंने एक महीने का समय देते हुए कहा था कि सरकण्डा पुलिस से उनकी पहचान है और परिवार को फंसाना उनके लिए मुश्किल नहीं है।
शादी में गए थे परिवार के सदस्य, पांच दिन घर रहा बंद
शिकायत में उल्लेख है कि परिवार के सदस्य एक शादी समारोह में शामिल होने पांच दिन के लिए घर से बाहर गए हुए थे। इसी दौरान आरोप है कि रामकिशोर सिंह ठाकुर ने एक पुलिसकर्मी शैलेन्द्र सिंह के माध्यम से घर की छत पर मंदिर के ऊपर चार डिब्बों में भरा नशीला पदार्थ एक थैले में रखवा दिया।
परिवार के लौटने के बाद बच्चे छत पर पतंग उड़ा रहे थे। पतंग मंदिर में फंसने पर जब उसे निकालने गए तो एक थैले में डिब्बों में भरा सामान मिला। बच्चों ने उस थैले को घर के बाहर गेट के पास सीढ़ियों के सामने रख दिया, यह सोचकर कि सुबह कचरा गाड़ी में डाल दिया जाएगा।
15 फरवरी की सुबह 7:30 बजे पुलिस की दबिश
आवेदन के अनुसार, 15 फरवरी 2026 की सुबह करीब 7:30 बजे पुलिस ने घर पर दबिश दी। आरोप है कि पुलिसकर्मी पहले छत पर चढ़ने का प्रयास कर रहे थे, तभी सीढ़ियों के नीचे रखा वही थैला उन्हें दिखाई दिया। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पुलिस ने सीधे उसी थैले की पहचान कर उसे शिवरानी सिंह से खुलवाया, जिसमें कथित रूप से नशीली दवाएं मिलीं।
शिकायत में यह भी आरोप है कि थैले की बरामदगी के बाद पुलिस ने घर के अन्य हिस्सों की तलाशी नहीं ली।
परिवार वालों ने उठाया सवाल,बोले पुलिस को कैसे पता कि थैले में थी नशीली दवाई
परिवार ने सवाल उठाया है कि पुलिस को पहले से कैसे पता था कि उक्त सामग्री उसी थैले में है और अन्य स्थानों की तलाशी क्यों नहीं ली गई। मेडिकल स्टोर्स से जुड़ा नाम, सीसीटीवी और कॉल डिटेल जांच की मांग आवेदन में रामकिशोर सिंह ठाकुर का नाम लेते हुए कहा गया है कि उनका अशोक नगर में श्री मेडिकल स्टोर्स संचालित है। शिकायतकर्ताओं ने आशंका जताई है कि कथित नशीला पदार्थ दुकान से लाकर रखा गया हो सकता है।
मेडिकल स्टोर के सीसीटीवी फुटेज की जांच की मांग
पुलिस अधीक्षक से मांग की गई है कि मेडिकल स्टोर के सीसीटीवी फुटेज की जांच कराई जाए, साथ ही पुलिसकर्मी शैलेन्द्र सिंह और रामकिशोर सिंह ठाकुर के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड की भी जांच की जाए।
घर में दो नाबालिग बेटियां, सुरक्षा को लेकर आशंका
शिकायत में उल्लेख है कि घर में शिवरानी सिंह अपनी दो नाबालिग बेटियों के साथ रहती हैं। परिवार ने किसी घटना की आशंका जताते हुए सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। आवेदन में कहा गया है कि भविष्य में किसी भी अप्रिय घटना की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग
श्रेया सिंह एवं श्रेणी सिंह ने दिए आवेदन में पुलिस अधीक्षक से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराने और संबंधित पुलिसकर्मी व रामकिशोर सिंह ठाकुर की भूमिका की जांच करने की मांग की है।
मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। फिलहाल पुलिस की ओर से इस संबंध में आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
वर्जन
मामले की शिकायत हुई है।जिसकी जांच की जाएगी।
पंकज पटेल
एएसपी सिटी बिलासपुर