बिलासपुर में नाइंटी प्लस मिशन, कलेक्टर ने कसी कमर….नाइंटी प्लस पर प्रशासन का फोकस, छात्रों से बड़ी उम्मीद….
नाइंटी प्लस का लक्ष्य,लेकिन क्लास में नहीं शिक्षक?
बिलासपुर ।जिले में स्कूली विद्यार्थियों के बेहतर परीक्षा परिणाम के लिए चलाया जा रहा “नाइंटी प्लस” अभियान एक बार फिर सुर्खियों में है। इस पहल की शुरुआत पूर्व कलेक्टर अवनीश शरण ने की थी, जिसे अब वर्तमान कलेक्टर संजय अग्रवाल पूरी मजबूती और गंभीरता के साथ आगे बढ़ा रहे हैं। अभियान का सीधा लक्ष्य है अधिक से अधिक छात्रों को 90 प्रतिशत से ज्यादा अंक हासिल करने के लिए प्रेरित करना।
कलेक्टर संजय अग्रवाल का कहना है कि पिछले वर्ष तय लक्ष्य के सकारात्मक परिणाम सामने आए थे। इस बार भी प्रशासन उसी जोश और रणनीति के साथ जुटा है। शिक्षकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे कमजोर विद्यार्थियों की पहचान कर विशेष कक्षाएं लें, नियमित टेस्ट कराएं और विषयवार गहन तैयारी कराएं। बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और परीक्षा के लिए सकारात्मक माहौल बनाने पर खास जोर दिया जा रहा है।लेकिन जमीनी हालात कुछ अलग कहानी भी बयां कर रहे हैं। बीते महीनों में कई शिक्षक एसआईआर और अन्य प्रशासनिक कार्यों में व्यस्त रहे, जिससे पढ़ाई प्रभावित हुई। कई स्कूलों में पाठ्यक्रम अधूरा होने की बात सामने आ रही है।अब देखना होगा कि “नाइंटी प्लस” अभियान उम्मीदों पर कितना खरा उतरता है।