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पेंड्रा में बाल विवाह पर प्रशासन की सख्ती…नाबालिग जोड़े की शादी रुकवाई

बिलासपुर /जीपीएम/गौरेला-पेंड्रा मरवाही जिला के मरवाही ब्लॉक अंतर्गत चचेड़ी गांव में होने वाला बाल विवाह को प्रशासन की सतर्कता से समय रहते रोक दिया गया। 17 फरवरी को चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 को विवाह की सूचना मिली थी, जिसके बाद संबंधित विभागों ने तत्काल कार्रवाई की। चाइल्ड हेल्पलाइन को प्राप्त सूचना के आधार पर महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिंहा के निर्देश पर प्रकरण को संज्ञान में लिया गया। परियोजना समन्वयक मोहर मिरज द्वारा जिला बाल संरक्षण अधिकारी और परियोजना अधिकारी, मरवाही को लिखित जानकारी दी गई। जिला बाल संरक्षण अधिकारी बीरेंद्र कुमार कुर्रे के मार्गदर्शन में महिला-बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर बेलपतिया के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम में स्थानीय पुलिस, परियोजना अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं पंचायत सचिव भी शामिल थे। टीम ने मौके पर पहुंचकर बालक-बालिका के दस्तावेजों का सत्यापन किया। जांच में पाया गया कि बालिका की उम्र 17 वर्ष 1 माह 30 दिन तथा बालक की उम्र 19 वर्ष 9 माह 12 दिन है, जो बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के तहत
निर्धारित वैधानिक उम्र से कम है। इसके बाद टीम द्वारा बालक एवं बालिका के माता-पिता तथा परिजनों को बाल विवाह से जुड़े कानूनी प्रावधानों और इसके दुष्परिणामों की जानकारी दी गई। समझाइश के बाद परिजनों ने विवाह न कराने पर सहमति जताई और इस प्रकार बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिले तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या स्थानीय प्रशासन को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

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