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चक्काजाम के बाद जागा प्रशासन, ब्रिज का भेजा प्रस्ताव

एनएच-45 पर अंडरपास की मांग, चपोरा में चक्काजाम कर फूटा था गुस्सा….

हाईवे ने बांटा गांव, चपोरा के लोग रोज जोखिम में….

एनएच-45 बना मुसीबत, दो हिस्सों में बंटा चपोरा घर इधर, स्कूल उधर हाईवे ने बढ़ाई ग्रामीणों की परेशानी….

बिलासपुर । चपोरा के ग्रामीणों का चक्काजाम और आंदोलन को लेकर पीडब्लूडी ने अंडरपास
बनाने के लिए राज्य सरकार को प्रस्ताव भेज दिया है।देखा जाए तो ग्रामीणों के प्रदर्शन के बाद नींद से विभाग जागा है।अन्यथा कुम्भकर्णीय नींद में सो रहा था।

दरअसल बिलासपुर चपोरा गांव में इन दिनों हाईवे ने लोगों की जिंदगी को दो हिस्सों में बांट दिया है। बिलासपुर जिले के रतनपुर–केंदा–केंवची मार्ग पर बन रहे राष्ट्रीय राजमार्ग 45 की चौड़ी सड़क सीधे गांव के बीचों-बीच निकल गई है। एक ओर घर हैं, तो दूसरी ओर स्कूल, बैंक और स्वास्थ्य केंद्र। ऐसे में ग्रामीणों को रोज अपनी जान जोखिम में डालकर व्यस्त सड़क पार करनी पड़ रही है।हाईवे बनने के बाद वाहनों की रफ्तार दोगुनी हो गई है। छोटे-छोटे बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग तेज रफ्तार गाड़ियों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं। हर दिन हादसे का डर बना रहता है। यही वजह है कि शुक्रवार को ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में लोग सड़क पर उतरे और सांकेतिक चक्काजाम कर प्रशासन से सुरक्षित रास्ते की मांग की।ग्रामीणों की मांग थी कि यहां अंडरपास बनाया जाए, लेकिन तकनीकी अधिकारियों ने इसे चुनौतीपूर्ण बताया। उनका कहना है कि अंडरपास की गहराई ज्यादा होगी और बारिश में जलभराव की गंभीर समस्या खड़ी हो सकती है।अब लोक निर्माण विभाग ने नया रास्ता सुझाया है। विभाग ने केंद्र सरकार को यहां पासिंग ब्रिज बनाने का प्रस्ताव भेज दिया है। अनुमति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू करने की बात कही जा रही है।चपोरा केवल एक गांव नहीं, बल्कि 15 से 20 गांवों का प्रमुख केंद्र है। ऐसे में सुरक्षित आवागमन बेहद जरूरी है।

वर्जन
अंडरपास का प्रस्ताव बनाकर राज्य सरकार को भेजा गया है।जैसे ही स्वीकृति होगी उसके बाद काम शुरू हो जाएगा।

आरके खांबरा
कार्यपालन अभियंता पीडब्लूडी सेतु निगम

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