घोंघा कोरी जलाशय पट्टा आवंटन पर उठे भ्रष्टाचार के आरोप,
निष्पक्ष जांच और पारदर्शिता की मांग तेज।
बिलासपुर । घोंघा कोरी जलाशय के पट्टा आवंटन को लेकर मत्स्य पालन विभाग पर भ्रष्टाचार और पक्षपात के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। एक मछुआ सहकारी समिति ने दावा किया है कि उसने मत्स्य पालन विभाग छत्तीसगढ़ की प्रक्रिया के तहत छत्तीसगढ़ मत्स्य नीति 2022 के अनुरूप आवेदन किया था लेकिन छह माह से अधिक समय बीत जाने के बाद भी आवंटन प्रक्रिया को लंबित रखा गया। समिति का आरोप है कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती गई।समिति का कहना है कि चयन समिति ने नियमों के विपरीत किसी अन्य समिति के पक्ष में प्रस्ताव पारित कर दिया। साथ ही कलेक्टर कार्यालय के पत्र में जिन दस्तावेजों का उल्लेख किया गया वे भी संबंधित समिति को उपलब्ध नहीं कराए गए।शिकायत दर्ज कराने के बावजूद विभागीय स्तर पर स्पष्ट जवाब नहीं मिलने से नाराजगी और बढ़ गई है।आरोप यह भी है कि बिना वैध पट्टा आवंटन के ही जलाशय में गतिविधियां संचालित कराई गईं जिससे आर्थिक अनियमितता की आशंका गहरा गई है। मामले को लेकर समिति ने निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस विवाद पर क्या रुख अपनाता है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं।