पश्चिम एशिया तनाव के बीच कच्चे तेल पर अनिश्चितता, भारत में गैस कीमतों पर दबाव
सरकार का भरोसा—जनता पर बोझ कम रखने की कोशिश, वैश्विक हालात में सहयोग जरूरी
बिलासपुर।पश्चिम एशिया में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच कच्चे तेल की आपूर्ति को लेकर वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बनी हुई है। हालांकि हाल के दिनों में संबंधित देशों के बीच बातचीत के प्रयास तेज हुए हैं, जिससे आर्थिक संकट को कम करने की उम्मीद जताई जा रही है। भारत की स्थिति फिलहाल ईंधन के मामले में स्थिर बताई जा रही है, लेकिन गैस की उपलब्धता और कीमतों में बढ़ोतरी ने चिंता बढ़ा दी है।केंद्रीय राज्य मंत्री सतीश चंद्र दुबे ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में भी भारत के पास पर्याप्त ईंधन भंडार है। उन्होंने यह भी बताया कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की वैश्विक साख मजबूत हुई है, जिसका असर यह है कि ईरान जैसे देश पुराने संबंधों के आधार पर भारतीय जहाजों को अनुमति दे रहे हैं।गैस कीमतों में बढ़ोतरी पर उन्होंने कहा कि सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ न पड़े। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए सभी नागरिकों को सहयोग की भावना से काम लेना होगा, ताकि संभावित संकट का प्रभाव कम किया जा सके।