समिति बोली,वर्तमान समय में पत्रकारिता का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण हो गया

उत्तराखंड देहरादून। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति द्वारा देहरादून प्रेस क्लब में एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता आयोजित की गई, जिसमें देशभर में पत्रकारों पर बढ़ते हमलों, धमकियों एवं उत्पीड़न के मामलों पर गंभीर चिंता व्यक्त की गई।समिति ने कहा कि वर्तमान समय में पत्रकारिता का कार्य अत्यंत चुनौतीपूर्ण और जोखिमपूर्ण हो गया है। सत्य को सामने लाने वाले पत्रकारों की लगातार दबाव, धमकी और हमलों का सामना करना पड़ रहा है, जो लोकतंत्र के लिए गंभीर संकेत है। समिति ने स्पष्ट किया कि यह केवल पत्रकारों का मुद्दा नहीं, बल्कि उनके परिवार और लोकतंत्र की सुरक्षा का विषय है।
इसी संदर्भ में समिति द्वारा उत्तराखंड राज्य में पत्रकारों की सुरक्षा हेतु एक प्रभावी एवं व्यवहारिक पत्रकार सुरक्षा कानून लाने की दिशा में कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके लिए राज्य की परिस्थितियों के अनुरूप एक ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है, जिसे शीघ्र ही सार्वजनिक किया जाएगा।
इस अवसर पर समिति ने उत्तराखंड प्रदेश की प्रथम कार्यकारिणी की घोषणा भी की, जो निम्नानुसार है-
राज्य कार्यकारिणी (उत्तराखंड):
प्रदेश उपाध्यक्ष – राज आलानी
प्रदेश महासचिव (संगठन) – राजकमल
प्रदेश महासचिव – उमेद सिंह बिष्ट
प्रदेश सचिव – कुलदीप कुमार
प्रदेश सचिव- नवीन चंद्रा
प्रदेश सचिव – सुनील राज
प्रदेश सचिव – श्रीमती पारुल कटियार
राज्य सदस्यः
शबनम खान, अब्दुल रजीक, श्रीमती कमल शर्मा,
नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष अनुपम खत्री ने मीडिया को बयान देते हुए कहा कि “आज पत्रकारों की सुरक्षा केवल एक मांग नहीं, बल्कि समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। उन्होंने कहा कि पत्रकार लोकतंत्र की रीढ़ हैं और यदि वे सुरक्षित नहीं होंगे, तो समाज में सत्य और पारदर्शिता भी सुरक्षित नहीं रह पाएगी। अखिल भारतीय पत्रकार सुरक्षा समिति उत्तराखंड में पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक ठोस और प्रभावी कानून लागू कराने हेतु निरंतर प्रयास करेगी तथा इस दिशा में सभी स्तरों पर संवाद और सहयोग स्थापित किया जाएगा।”
उन्होंने नवगठित टीम को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह कार्यकारिणी केवल पदों का गठन नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी का संकल्प है। उन्हें विश्वास है कि पूरी टीम एकजुट होकर पत्रकारों के हितों की रक्षा और संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
समिति ने यह भी स्पष्ट किया कि संगठन का उद्देश्य किसी प्रतिस्पधी में उतरना नहीं है, बल्कि सभी पत्रकार संगठनों के साथ सहयोग एवं समन्वय स्थापित करते हुए पत्रकारों की सुरक्षा के लिए एक मजबूत व्यवस्था तैयार करना है।अंत में समिति ने प्रदेश के सभी पत्रकारों, सामाजिक संगठनों एवं जनप्रतिनिधियों से इस महत्वपूर्ण पहल में सहयोग करने का आह्वान किया।