गतौरा धान खरीदी केंद्र के भाजपा सोसायटी अध्यक्ष सहित 3 आरोपी गिरफ्तार….28.51 लाख के गबन का खुलासा

फर्जी एंट्री और फर्जी तरीके से पैसा गबन करने का हुआ है खुलासा
बिलासपुर । मस्तुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत सेवा सहकारी समिति मर्यादित गतौरा के धान खरीदी केंद्र में हुए फर्जी एंट्री करके बड़े हेरफेर का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जिसमें एक भाजपा द्वारा बनाए गए सोसायटी अध्यक्ष भी शामिल है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं।
दरअसल मस्तूरी पुलिस जांच में सामने आया कि खरीदी केंद्र में 919.96 क्विंटल धान कम पाया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 28 लाख 51 हजार रुपये बताई गई है। तब जाकर मामले में अपराध दर्ज किया गया है।
मिली शिकायत के अनुसार ,जिला सहकारी केंद्रीय बैंक मर्यादित मस्तुरी बिलासपुर की तरफ से मस्तुरी थाना में दर्ज कराई गई थी। लिखित आवेदन में बताया गया कि खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के दौरान धान उपार्जन नीति और सरकारी निर्देशों का उल्लंघन करते हुए केंद्र में बड़े पैमाने पर अनियमितता की गई। संयुक्त जांच दल द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन में यह गड़बड़ी उजागर हुई। जांच में पाया गया कि संस्था प्रबंधक, अध्यक्ष और कंप्यूटर ऑपरेटर की मिलीभगत से धान की खरीदी और भंडारण में गंभीर हेरफेर कर शासकीय धान का गबन किया गया। इस मामले में पुलिस ने कोमल प्रसाद चंद्रकार 46 वर्ष निवासी कर्रा, पूर्व मंडल अध्यक्ष एवं वर्तमान में भाजपा द्वारा बनाए गए सोसायटी अध्यक्ष राजेंद्र राठौर 64 वर्ष,निवासी बजरंग चौक, गतौरा, और हुलेश्वर धीरही 38 वर्ष, निवासी सुकुलकारी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने घटना में अपनी भूमिका स्वीकार की, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। वहीं मामले में धान खरीदी प्रभारी लव कुमार यादव का नाम भी सामने आया है, जिसकी भूमिका को लेकर आगे की जांच जारी है। इस कार्रवाई को धान खरीदी केंद्रों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ बिलासपुर पुलिस का बड़ा प्रहार माना जा रहा है। प्रशासनिक हलकों में भी इस खुलासे के बाद हड़कंप मच गया है।
*खरीदी की एंट्री करते समय करते है गड़बड़ी*
सूत्र ने बताया कि धान खरीदी में किसानों से धान लेकर एंट्री के पूरा खेल खेला जाता है।जिसमें धान तो लिया जाता है लेकिन एंट्री फर्जी की जाती है।जिसके आड़ में लाखों का हेराफेरी किया जाता है।इसमें कोई एक भी बल्कि पूरा स्टाफ शामिल रहता है।
तभी कंप्यूटर ऑपरेटर से लेकर अध्यक्ष और प्रबंधक भी शामिल होता है।जिनकी मिलीभगत से पूरा धान फर्जी तरीके से बाहर में बेच दिया जाता है।
*भाजपा नेता के चलते नहीं हो रही थी कार्रवाई*
पुलिस सूत्र का कहना है कि शिकायत होने के बाद भी भाजपा नेता के दबाव के कारण किसी तरह की कोई कार्रवाई नहीं हों रही थी।जिसके कारण उनके हौसले बुलंद रहे जबकि कई बार गबन पैसों को जमा करने और व्यवस्था को ठीक करने के निर्देश दिए गए । इसके बाद भी अध्यक्ष और प्रबंधक ने ध्यान नहीं दिया।जिसके कारण एफआईआर दर्ज करना पड़ा है।
*प्रभारी सचिव के दौरे के कारण हुई है तत्काल कार्रवाई*
जिले के प्रभारी सचिव के दौरे को लेकर जिला प्रशासन गंभीर हुआ और उसके बाद आनन फानन के धान का घोटाला करने वालो के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की गई।ताकि जिले के प्रभारी सचिव के सामने कार्रवाई का ब्यौरा पेश कर सके।
*मस्तूरी क्षेत्र के धान खरीदी केन्द्रों के लाखों की गड़बड़ी*
मस्तूरी अंतर्गत ऐसे कई धान खरीदी केंद्र है जिसमें प्रबंधक और अध्यक्ष ने मिलकर कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ लाखों का धान बेच दिया है।खरीदी केन्द्रों में गड़बड़ी करके लाखों का धान पार कर दिया है।जिसमें शिकायत होने के बाद भी सिर्फ सस्पेंड किया गया था बाद में एफआईआर दर्ज किया गया था।लेकिन इस बार गड़बड़ी इसलिए कि गई क्योंकि इसमें जिले के प्रभारी सचिव की मीटिंग में जवाब देना था।