एनएसयूआई ने कहा,महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की तत्काल हो बहाली

एयू में परीक्षा परिणामों में लगातार हो रही गंभीर अनियमितताओं के खिलाफ विरोध प्रदर्शन
बिलासपुर।भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन द्वारा प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय के निर्देशानुसार पूरे छत्तीसगढ़ में एक साथ व्यापक छात्र आंदोलन आयोजित किया गया। इसी क्रम में अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, कोनी, बिलासपुर में सैकड़ों छात्रों एवं एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन एवं शासन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। इस आंदोलन का नेतृत्व एनएसयूआई प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की शुशांक मिश्रा द्वारा किया गया। यह प्रदर्शन मुख्य रूप से दो महत्वपूर्ण और ज्वलंत मुद्दों को लेकर किया गया।इसमें प्रदेश के सभी महाविद्यालयों में छात्र संघ चुनाव की तत्काल बहाली, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में परीक्षा परिणामों में लगातार हो रही गंभीर अनियमितताओं का विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि हर वर्ष एवं प्रत्येक सेमेस्टर में परिणाम जल्दबाजी में घोषित किए जाते हैं, जिससे भारी त्रुटियां सामने आती हैं।

कई छात्रों को परीक्षा में उपस्थित रहने के बावजूद अनुपस्थित दर्शाया जाता है, तो कई छात्रों के अंक पूर्ण रूप से जोड़े ही नहीं जाते। इन लापरवाहियों के कारण छात्रों को मानसिक तनाव झेलना पड़ता है तथा उन्हें बार-बार आवेदन देकर कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं।

प्रदर्शन के पश्चात एनएसयूआई के प्रतिनिधिमंडल द्वारा कुलपति महोदय को ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें स्पष्ट रूप से मांग की गई कि परिणाम प्रक्रिया को पारदर्शी, त्रुटिरहित एवं जवाबदेह बनाया जाए तथा पूर्व में हुई सभी गड़बड़ियों का शीघ्र समाधान सुनिश्चित किया जाए। इस अवसर पर
प्रदेश उपाध्यक्ष
लक्की शुशांक मिश्रा ने कहा यह केवल एक आंदोलन नहीं, बल्कि छात्रों के अधिकार और सम्मान की लड़ाई है। छात्र संघ चुनावों पर लगी रोक छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों का सीधा हनन है। वहीं, विश्वविद्यालय द्वारा बार-बार त्रुटिपूर्ण परिणाम जारी करना छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। यदि शीघ्र ही छात्र संघ चुनाव की बहाली और परिणाम सुधार को लेकर ठोस एवं समयबद्ध निर्णय नहीं लिया गया, तो एनएसयूआई कलेक्टर घेराव से लेकर उग्र आंदोलन तक हर कदम उठाने के लिए बाध्य होगी।
फरहान खान, प्रदेश संयोजक,एनएसयूआई ने कहा आज का यह आंदोलन यह दर्शाता है कि छात्र अब अपने अधिकारों को लेकर पूरी तरह जागरूक हो चुके हैं। प्रशासन की लापरवाही और सरकार की उदासीनता अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। एनएसयूआई छात्रों की आवाज को दबने नहीं देगी और हर स्तर पर संघर्ष जारी रखेगी। जिला उपाध्यक्ष अदिति वर्मा ने कहा छात्रों को उनके अधिकारों से वंचित करना और परिणामों में बार-बार त्रुटियां होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।एनएसयूआई हमेशा छात्रों के साथ खड़ी है और जब तक समस्याओं का समाधान नहीं होगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा। प्रदेश संयोजक उमर अहमद ने आक्रामक रूप से कहा यदि शासन-प्रशासन यह समझ रहा है कि छात्रों की आवाज को दबाया जा सकता है, तो यह उनकी सबसे बड़ी भूल है। अब यह आंदोलन केवल मांग तक सीमित नहीं है, बल्कि निर्णायक संघर्ष का रूप ले चुका है। यदि जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो एनएसयूआई सड़कों से लेकर प्रशासनिक दफ्तरों तक उग्र आंदोलन करेगी और व्यवस्था को झुकने पर मजबूर कर देगी। प्रदेश सचिव
समर्थ मिरानी ने कहा:
छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। एनएसयूआई हर छात्र के अधिकार के लिए मजबूती से खड़ी है।”
प्रदेश सचिव
राजेश क्षत्री ने कहा:
“लगातार हो रही अनियमितताएं यह दर्शाती हैं कि प्रशासन अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रहा है। अब छात्रों की आवाज को अनदेखा नहीं किया जा सकता।
प्रदेश सचिव
विवेक साहू
ने कहा:
“यह आंदोलन छात्रों के हक की लड़ाई है और जब तक न्याय नहीं मिलेगा, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।एनएसयूआई ने शासन-प्रशासन को अंतिम चेतावनी देते हुए कहा है कि छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा करते हुए छात्र संघ चुनावों की तत्काल बहाली एवं परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए शीघ्र निर्णय लिया जाए। अन्यथा संगठन प्रदेशभर में चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन, धरना-प्रदर्शन एवं घेराव करने के लिए बाध्य होगा, जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।