पटवारी ट्रांसफर पर सियासी संग्राम सत्ता-विपक्ष आमने-सामने…
कोटा में पटवारी विवाद ने पकड़ा तूल, कलेक्टर ऑफिस बना अखाड़ा…
बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों जुबानी जंग तेज हो गई है। मंचों से विकास के बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है। बिलासपुर के कोटा विकासखंड में एक पटवारी के ट्रांसफर को लेकर सियासी घमासान छिड़ गया है, जहां सत्ता और विपक्ष आमने-सामने नजर आ रहे हैं।
दरअसल कोटा क्षेत्र में इन दिनों एक पटवारी का मामला राजनीति का केंद्र बन गया है। एक ओर कांग्रेस विधायक अपने कार्यकर्ताओं के साथ कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर पटवारी के तबादले की मांग कर रहे हैं। उनका आरोप है कि पटवारी का कामकाज सही नहीं है और लोगों को परेशान किया जा रहा है।वहीं दूसरी तरफ सत्ताधारी भाजपा के जिला अध्यक्ष और उनके समर्थक भी बड़ी संख्या में कलेक्टर कार्यालय पहुंचे। उन्होंने पटवारी का बचाव करते हुए कहा कि उसे हटाने की मांग पूरी तरह से गलत है। भाजपा नेताओं का आरोप है कि जिन लोगों ने शिकायत की है, वे खुद अवैध कब्जे में लिप्त हैं और पटवारी द्वारा जारी नोटिस से बचने के लिए दबाव बना रहे हैं।भाजपा का यह भी कहना है कि संबंधित पटवारी को पहले बेहतर कार्य के लिए सम्मानित किया जा चुका है, ऐसे में बिना ठोस कारण के उसका तबादला करना उचित नहीं होगा। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की है।अब इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। एक तरफ विपक्ष का दबाव है, तो दूसरी तरफ सत्ता पक्ष का समर्थन… ऐसे में सबकी नजर कलेक्टर के फैसले पर टिकी है
वर्जन
पटवारी के काम नहीं करने की शिकायत ग्रामीणों ने की है।इसके अलावा पैसा मांगने का भी आरोप लगा है।इसलिए इसे हटाने के लिए कलेक्टर को आवेदन दिया गया है।
अटल श्रीवास्तव
विधायक कोटा
वर्जन
पटवारी का कार्य अच्छा है।शिकायत झूठी की गई है।पटवारी को सम्मानित भी किया जा चुका है
मोहित जयसवाल
जिलाध्यक्ष भाजपा ग्रामीण