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लिपिकों की वेतन वृद्धि के लिए कौशल परीक्षा की बाध्यता समाप्त करे सरकार

एआई में बोलकर लिखने वाले सॉफ्ट वेयर के जमाने में बोर्ड से परीक्षा का औचित्य नहीं

लिपिक एकता जिंदाबाद के नारों से गूंजा इंद्रावती भवन, अनुकम्पा नियुक्ति लिपिकों के वेतन वृद्धि एवं वसूली के विरोध में लिपिक संघ ने किया जमकर प्रदर्शन

बिलासपुर।छग प्रदेश लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ ने आज राजधानी रायपुर के इंद्रावती भवन में प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी के नेतृत्व में जमकर प्रदर्शन किया एवं कोष लेखा पेंशन और लोक शिक्षण संचानालय का घेराव कर ज्ञापन सौंपा, संघ के प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी ने बताया की प्रदेश के विभिन्न जिलों में अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त लिपिकों को कौशल परीक्षा के नाम पर प्रताड़ित किया जा रहा है वेतन वृद्धि में रोक सहित वेतन से वसूली की कार्यवाही संयुक्त संचालकों कोष लेखा के माध्यम से की जा रही है जबकि कौशल परीक्षा मात्र कंप्यूटर प्रोत्साहन भत्ते के लिए थी, एक वर्षीय डिप्लोमा पर वेतन वृद्धि दी जाती थी वर्तमान में कौशल परीक्षा उत्तीर्ण ना करने वाले लिपिकों की वेतन से वसूली जैसे आदेश जारी हो रहे है श्री तिवारी ने बताया कि वर्तमान में प्रदेश के लिपिक ई ऑफिस के तहत काम कर रहे है ए आई सॉफ्वेयर के माध्यम से बोलकर टाइप करने की प्रणाली प्रचलित है ऐसे में कृतिदेव जैसी पुरानी पद्धति में टाइपिंग पास करने की अनिवार्यता लागू करना हास्यास्पद है दुनिया आगे जा रही है ओर छग शासन पुराने ढर्रे को लागू करने में लगा है रोहित तिवारी ने शासन से मांग की है कि कौशल परीक्षा की बाध्यता समाप्त की जाए, आज के प्रदर्शन में प्रदेश अध्यक्ष रोहित तिवारी, प्रांतिय सचिव अमितेश तिवारी, जिलाध्यक्ष जवाहर यादव, जिलाध्यक्ष महिला प्रकोष्ठ निशा यादव, प्रांतीय संयुक सचिव विभोर चतुर्वेदी, जिला संरक्षक आकाश त्रिपाठी, प्रांतीय प्रवक्ता मनोज वैष्णव, रवि अग्रवाल, राजन रिजवी जिलाध्यक्ष मुंगेली, जय कुमार साहू अध्यक्ष सचानालय कर्मचारी संघ, जगदीप बजाज महिला प्रकोष्ठ इंद्रावती भवन, किशोर पटेल, लोकेश साहू सहित बड़ी संख्या में लिपिक उपस्थित थे

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