Blog

प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर प्रशासन और शिक्षा विभाग का शिकंजा, गेट पर बोर्ड की संबद्धता दिखाना किया गया अनिवार्य

बिलासपुर। जिले में संचालित निजी स्कूलों पर अब सख्ती शुरू हो गई है। कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे (डीईओ) ने सभी प्राइवेट स्कूलों के लिए नए निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत हर स्कूल को अपने मेन गेट और सूचना पटल पर स्पष्ट रूप से यह दर्शाना होगा कि वह किस बोर्ड से संबद्ध है। डीईओ ने निर्देश दिया है कि स्कूल अपने गेट और सूचना पटल पर मान्यता कोड के साथ यह भी उल्लेख करें कि वे सीबीएसई, आईसीएसई, सीजीबीएसई (माध्यमिक शिक्षा मंडल) या अन्य किसी बोर्ड से संचालित हैं। इसका उद्देश्य उन स्कूलों पर रोक लगाना है, जो एक बोर्ड से मान्यता लेकर दूसरे बोर्ड के नाम पर अभिभावकों को भ्रमित करते हैं।

आदेश में यह भी कहा गया है कि स्कूल परिसर में प्रमुख स्थान पर सूचना पट लगाना अनिवार्य होगा, जिसमें मान्यता और संबद्धता से जुड़ी पूरी जानकारी साफ-साफ दर्ज हो। इससे अभिभावकों को सही जानकारी मिल सकेगी और फर्जीवाड़े पर अंकुश लगेगा।

किताबों की सूची सार्वजनिक करना जरूरी:–

डीईओ ने स्कूल प्रबंधन को निर्देशित किया है कि प्रत्येक कक्षा की अनिवार्य पुस्तकों की सूची परीक्षा परिणाम जारी होने से पहले स्कूल की वेबसाइट पर अपलोड की जाए और विद्यालय परिसर में भी चस्पा की जाए। साथ ही, स्कूल संचालक या प्राचार्य किसी भी विद्यार्थी या अभिभावक को किताबें, कॉपियां या यूनिफॉर्म किसी एक तय दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं कर सकेंगे। प्रवेश के समय और परीक्षा परिणाम के दौरान अभिभावकों को पुस्तकों की सूची की प्रति देना भी अनिवार्य होगा।

जिले में 572 प्राइवेट स्कूल,ड्रेस व पुस्तक के लिए हर साल जारी होता है निर्देश:–

बिलासपुर जिले में इस समय कुल 572 निजी स्कूल है। इनमें 14 सीबीएसई के हैं। ड्रेस व पुस्तक के लिए हर साल निर्देश जारी होता है। विद्यार्थी या अभिभावक को किताबें, कॉपियां या यूनिफॉर्म किसी एक तय दुकान से खरीदने के लिए बाध्य नहीं करने को कहा जाता है पर इसकी निगरानी नहीं होती। अभी से विशेष दुकान से पुस्तक खरीदने पालक लाइन लगा रहे हैं। वहीं किसी खास दुकान से ड्रेस भी खरीदने के लिए बाध्य किया जा रहा है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *