नशे पर सर्जिकल स्ट्राइक करना हुआ शुरू,जिले में खेत और बाड़ी छान रही पुलिस-प्रशासन की टीम

गांव-गांव पहुंचा सघन जांच अभियान
बिलासपुर।जिले में अफीम और गांजा की अवैध खेती की आशंकाओं के बीच प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कलेक्टर संजय अग्रवाल और एमएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीमें गांव-गांव जाकर खेतों की सघन जांच कर रही है। इस अभियान में तहसीलदार, पटवारी और ग्राम सचिव भी सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।ताकि किसी भी स्तर पर अवैध नशे का कारोबार पनप न सके।
इसके लिए टीम बनाकर काम किया जा रहा है।
बता दे प्रदेश के कुछ जगहों पर अफीम और गांजा की खेती होने से हड़कंप मचा हुआ है।जिसके कारण
जिला और पुलिस प्रशासन गंभीर है।यही कारण है कि इसके लिए हर गांव कस्बों के जमीनों की जांच करने और खुद जाकर बारीकी से जांच करने के निर्देश दिए गए है।
*गिरदावरी के समय नहीं जाते थे पटवारी,सेटिंग से होता था काम*
सूत्र बता रहे है कि जब गिरदावरी का समय
होता है तो पटवारी और संबंधित अधिकारी ज्यादातर जगहों पर नहीं जाते थे।बल्कि कागज देखकर और चेहरा देखकर काम करते थे।
जिसके कारण पटवारियों और राजस्व विभाग की बल्ले बल्ले रहती थी।लेकिन अब फील्ड में जाकर काम करना पड़ रहा है।जिसके कारण पसीने छूट रहे है।
*फॉर्म हाउस भी रडार पर*
अभियान के दौरान फॉर्म हाउसों पर भी सख्त निगरानी रखी जा रही है, क्योंकि इनका उपयोग अक्सर अवैध गतिविधियों के लिए किया जाता है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि यदि कहीं भी प्रतिबंधित खेती पाई गई, तो संबंधित क्षेत्र के जिम्मेदार अधिकारियों पटवारी और ग्राम सचिव की जवाबदेही तय की जाएगी। लापरवाही या जानकारी छिपाने पर एफआईआर दर्ज करने की चेतावनी दी गई है।
*संवेदनशील क्षेत्रों में कड़ी चौकसी*
कोटा, बेलगहना, सीपत और मस्तूरी को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए यहां निगरानी और कड़ी कर दी गई है। पुलिस का सूचना तंत्र भी मजबूत किया जा रहा है, ताकि संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी तुरंत मिल सके। प्रशासन ने स्यष्ट कर दिया है कि अफीम और गांजा की खेती पूरी तरह प्रतिबंधित है और इसे किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नशे के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
*जंगल और सुनसान वाली जगहों पर ज्यादा नजर*
जिला प्रशासन का कहना है कि जंगल की तरफ की खाली पड़ी जमीन और सुनसान वाली जगहों की जमीन पर प्रशासन की ज्यादा नजर पड़ी हुई है।जिसमें कही पर गड़बड़ी करने की आशंका हो सकती है।इसलिए कलेक्टर और एसएसपी के निर्देश पर राजस्व और पुलिस विभाग की टीम जांच करने में जुटी हुई है।
*कलेक्टर के आदेश के बाद हों लगा है खुलासा*
सूत्र कहते है कि अगर हकीकत में पटवारी और राजस्व विभाग का अमला मौके पर जाकर गिरदावरी करते तो शायद दूसरी बार उनको मौके पर नहीं जाना पड़ता।लेकिन मौके पर दूसरी बार इसलिए जा रहे है ताकि कलेक्टर और एसएसपी तक शिकायत मत पहुंचे।अन्यथा गिरदावरी करने के बाद पटवारी सीधे कहते कि साहब पूरा चेक कर चुके है।कही पर कोई शिकायत नहीं है।