रायपुर में पत्रकारिता के नाम पर खुला घिनौना ब्लैकमेलिंग सिंडिकेट!कथित पत्रकार दीपक सिंह ने जमीन कारोबारी से 35 लाख की उगाही के लिए धमकी-फुसलाव का पूरा ड्रामा रचा, ऑडियो-रिकॉर्डिंग में खुलेआम बोला- “मैं 14 साल का अनुभवी पत्रकार, पुलिस-नेता-मंत्री कहीं भी जाओ… नहीं बच पाओगे!
रायपुर। राजधानी रायपुर के शंकरा विहार, भटगांव इलाके में एक कथित पत्रकार ने पत्रकारिता को कवर के रूप में इस्तेमाल कर जमीन कारोबारियों को निशाना बनाने का खतरनाक खेल शुरू कर दिया है। आरोपी दीपक सिंह ने किसानों की जमीन को लेकर झूठी शिकायत दर्ज कराई, फिर पीड़ित को फोन पर घुड़की दी और आखिरकार मिलकर खुलेआम 35 लाख रुपये की रिश्वत मांगी। पीड़ित जमीन कारोबारी भारत ठाकुर और उनके पार्टनरों के पास पूरे षड्यंत्र की फोन रिकॉर्डिंग, मुलाकात की बातचीत और धमकी-लालच का पूरा ऑडियो-वीडियो सबूत मौजूद है।
पीड़ित ने किया खुलासा – कैसे शुरू हुआ ब्लैकमेल?
भारत ठाकुर ने बताया कि उन्होंने शंकरा विहार भटगांव की जमीन किसानों से पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद खरीदी थी। काम शुरू भी नहीं हुआ था कि अचानक दीपक सिंह घटनास्थल पर पहुंच गए। खुद को बड़े निजी अखबार का 14 साल का अनुभवी पत्रकार बताते हुए उन्होंने अधिकारियों से अपनी सांठ-गांठ का डर दिखाया और झूठी शिकायत ठोक दी। जब पीड़ित ने फोन पर बात करने की कोशिश की तो दीपक सिंह ने रूखे अंदाज में फोन काट दिया। रिकॉर्डिंग में साफ सुनाई देता है – दीपक सिंह कह रहे हैं, “मिलकर बात करते हैं।”
दो घंटे बाद मुलाकात – धमकी से फुसलाव तक का पूरा खेल
फोन काटने के ठीक दो घंटे बाद तय जगह पर मुलाकात हुई। यहां दीपक सिंह ने अपना असली रंग दिखाया। पहले तो प्यार भरी धमकी दी –
“मैं 14 साल बड़े अखबार में काम कर चुका हूं। आप पुलिस, नेता, मंत्री कहीं भी चले जाइए… आप लोग नहीं बच पाएंगे।”
फिर लालच का जाल बिछाते हुए बोले –
“आपका नाम कहीं नहीं आने दूंगा। जो शिकायत मैंने की है, उसमें आपको फंसने नहीं दूंगा। 15 दिन बाद आप अपना काम शुरू कर लेना। मीडिया और अधिकारियों को मैं पूरा संभाल लूंगा। भविष्य में कभी कोई दिक्कत नहीं होगी… बस 35 लाख रुपये दे दीजिए।”
पीड़ित भारत ठाकुर का आरोप है कि दीपक सिंह ने एक पूरा सिंडिकेट चला रखा है, जो जमीन कारोबारियों, व्यापारियों और अन्य व्यवसायियों को इसी तरीके से ब्लैकमेल कर अवैध उगाही का धंधा चला रहा है।
पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने
जांच में चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि दीपक सिंह पहले बलात्कार के गंभीर मामले में जेल जा चुके हैं। अब वही व्यक्ति खुद को “पत्रकार” का ठप्पा लगाकर रायपुर में उगाही और ब्लैकमेलिंग का खेल खेल रहा था।
पीड़ित ने प्रशासन के दरवाजे खटखटाए
भारत ठाकुर ने इस पूरे मामले की विस्तृत शिकायत रायपुर कलेक्टर, आईजी और कमिश्नर को लिखित रूप में सौंप दी है। उन्होंने दीपक सिंह के खिलाफ तुरंत गिरफ्तारी, पूरे सिंडिकेट का भंडाफोड़ और सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है।
सबूतों का ढेर तैयार – पीड़ित बोले, हम खुद रिकॉर्डिंग सुनाने को तैयार हैं
पीड़ित के पास फोन काटने की रिकॉर्डिंग, मुलाकात की पूरी बातचीत, धमकी और 35 लाख की मांग का स्पष्ट ऑडियो-वीडियो सुरक्षित है। भारत ठाकुर ने कहा, “हम ये सबूत खुद सुनाने और दिखाने को तैयार हैं। अब प्रशासन और पुलिस को फैसला करना है कि रायपुर में पत्रकारिता के नाम पर ब्लैकमेलिंग और उगाही का धंधा चलता रहेगा या नहीं?”
यह मामला केवल एक जमीन कारोबारी का नहीं है। यह पूरे रायपुर के व्यापारियों, किसानों और आम निवासियों के लिए खतरे की घंटी है। अगर ऐसे लोग बिना सजा के घूमते रहे तो कल कोई भी व्यापारी या व्यवसायी अपने काम में सुरक्षित नहीं रहेगा।
अब सवाल यह है
रायपुर प्रशासन और पुलिस इस “कथित पत्रकार” के सिंडिकेट पर कितनी तेजी और सख्ती से कार्रवाई करती है? क्या 35 लाख की उगाही और धमकी के सबूतों के बावजूद आरोपी बच पाएगा? या फिर कानून अपना काम करेगा?