40 हजार के बिल ने छीन ली थी चैन की नींद, समाधान योजना ने फिर जगाई उम्मीद की रोशनी

बिलासपुर। एक साधारण सा घर, सीमित आमदनी और अचानक सामने आ गया 40 हजार रुपये का बिजली बिल—ग्राम धौराभांटा निवासी सनत धुव्र के लिए यह सिर्फ एक बिल नहीं, बल्कि रोज बढ़ती चिंता और बेबसी की कहानी बन गया था। हर दिन यही सोच—“इतना पैसा आएगा कहां से?”—परिवार के सुकून पर भारी पड़ रही थी। घर के छोटे-बड़े खर्चों के बीच इतना बड़ा बकाया चुकाना लगभग नामुमकिन लग रहा था। हालात ऐसे थे कि उम्मीद भी धीरे-धीरे कम होती जा रही थी।
इसी बीच मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना उनके जीवन में एक नई उम्मीद लेकर आई।धौराभांटा में आयोजित शिविर में जब सनत धुव्र अपनी समस्या लेकर पहुंचे, तो यह उनके लिए एक आखिरी कोशिश जैसा था। शिविर में उनके प्रकरण की जांच की गई और योजना के तहत 27 हजार रुपये की छूट स्वीकृत की गई। कुछ ही पलों में 40 हजार का बोझ काफी हद तक हल्का हो गया—और उसी के साथ उनके मन का भार भी। अब बची हुई राशि को भी आसान बना दिया गया है।
कार्यपालन अभियंता अनुपम सरकार ने बताया कि शेष रकम केवल 350 रुपये प्रतिमाह की 40 किश्तों में जमा करनी होगी। उन्होंने कहा कि “इस योजना का उद्देश्य उपभोक्ताओं को राहत देना है, ताकि वे बिना आर्थिक दबाव के अपने बकाया का भुगतान कर सकें। अधिक से अधिक लोग इसका लाभ लें, यही हमारी कोशिश है।” इसके अंतर्गत मूल राशि और अधिभार दोनों में छूट दी जा रही है। निष्क्रिय बी.पी.एल. उपभोक्ताओं को मूल राशि में 75 प्रतिशत तथा अधिभार में 100 प्रतिशत छूट का प्रावधान है, जबकि निष्क्रिय घरेलू एवं कृषि उपभोक्ताओं को मूल राशि में 50 प्रतिशत और अधिभार में पूर्ण छूट दी जा रही है। राहत मिलने के बाद सनत धुव्र की आंखों में साफ सुकून झलक रहा था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि “अब सब ठीक हो गया।” उन्होंने इस राहत के लिए विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार की इस पहल ने उनके जैसे कई परिवारों को बड़ी चिंता से मुक्त किया है।
धौराभांटा में आयोजित इस शिविर में ऐसे कई और परिवार भी पहुंचे, जिनकी परेशानियां लंबे समय से अनसुनी रह गई थीं। मौके पर ही समस्याओं का समाधान मिलने से लोगों के चेहरों पर राहत साफ दिखाई दी। अधिकारियों ने बताया कि इस योजना के तहत बकाया बिजली बिल में छूट, सरचार्ज में राहत और किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जा रही है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को बड़ी राहत मिल रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे आगे आकर ऐसे शिविरों का लाभ उठाएं, क्योंकि समय पर मिला समाधान न केवल बिल का बोझ कम करता है, बल्कि जिंदगी में उम्मीद और सुकून भी लौटाता है।