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अब मशीन से होगी बियासी

– निंदाई, गुड़ाई और मिट्टी चढ़ाई हुई आसान

बिलासपुर- अब बियासी भी मशीन से की जा सकेगी। नाम है मल्टीपरपज इंटर कल्टीवेटर। दिलचस्प बात यह है कि यह मशीन निंदाई, गुड़ाई के साथ मिट्टी चढ़ाने का भी काम करने में सक्षम है।

कृषि श्रमिकों की घटती संख्या और अनिश्चित मानसून। यह दो प्रमुख कारक कृषि कार्य को हर बरस प्रभावित कर रहे हैं। समय पर कृषि कार्य का नहीं हो पाना कई तरह की समस्याओं को बढ़ा रहा है। ऐसे में कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसी प्रोत्साहन ने एक ऐसे कृषि यंत्र को आकार दिया, जो निंदाई, गुड़ाई और बियासी के साथ मिट्टी चढ़ाने का काम बखूबी से करता है।


इसलिए जरूरी बियासी

पारंपरिक कृषि प्रणाली का महत्वपूर्ण भाग है बियासी। साथ ही करनी होती है निंदाई क्योंकि खरपतवार नियंत्रण आवश्यक है। मिट्टी को ढीला करना भी जरूरी होता है क्योंकि जड़ों तक ऑक्सीजन की पहुंच इससे आसान होती है और पौधों की समुचित बढ़वार को मदद मिलती है लेकिन बड़ी दिक्कत अब खेतीहर श्रमिकों के नहीं मिलने से हो रही है। नया कृषि यंत्र इन सभी समस्याओं को दूर करने में सक्षम है।


एक साथ चार काम

नया मल्टीपरपज कल्टीवेटर निंदाई, गुड़ाई, बियासी के साथ पौधों के आसपास मिट्टी चढ़ाने का काम भी करता है। इससे समय पर कृषि कार्य होते हैं। उत्पादन में बढ़ोतरी इसलिए संभव है क्योंकि पौधों की समान संरचना को समय पर ऑक्सीजन मिलता है। खरपतवार नियंत्रण में भी मदद मिलती है। सबसे बड़ा लाभ यह है कि श्रम लागत में काफी कमी आती है क्योंकि समय पर सभी कृषि कार्य आसानी से होते हैं।


निंदाई के लिए यह उपकरण

कोनो वीडर करता है खरपतवार पर नियंत्रण, सुधारता है मिट्टी में वायु संचार प्रणाली। ट्विन-विल -हो मैदानी क्षेत्र में ली गई सोयाबीन, मूंग, उड़द, तिल और मक्का को सही बढ़ावार देने की व्यवस्था करता है। पावर वीडर की कार्य क्षमता को सराहना चौतरफा मिल रही है क्योंकि कम समय में अधिक क्षेत्रफल को कवर करता है। बैटरी चलित वीडर महिलाओं और वृद्धि किसानों को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। कम रखरखाव वाली यह मशीन प्रदूषण मुक्त है।


बेहतर परिणाम कतार बोनी वाली फसलों में

कतार बोनी से ली गई फसलों में यह कृषि उपकरण विशेष लाभ देते हैं क्योंकि इस विधि से ली गई फसलों में इसका संचालन बेहतर तरीके से हो पाता है। श्रम लागत में 40 से 70 फ़ीसदी कमी आती है, तो समय पर कृषि कार्य होने से पौधों की संख्या समान होती है। जिसे उत्पादन में वृद्धि के रूप में देखा जा सकता है। सिंचाई पानी और खरपतवारनाशक दवाओं की जरूरत भी कम पड़ती है।

वर्जन
अब मशीन से होगी बियासी, निंदाई-गुड़ाई आसान

कृषि श्रमिकों की कमी और अनिश्चित मानसून के दौर में मल्टीपरपज इंटर कल्टीवेटर जैसे कृषि यंत्र समय पर खेत प्रबंधन का प्रभावी समाधान हैं। निंदाई, गुड़ाई, बियासी और मिट्टी चढ़ाने जैसे कार्य एक साथ होने से श्रम लागत घटती है, फसल की बढ़वार बेहतर होती है तथा उत्पादन बढ़ाने में सहायता मिलती है। विशेषकर कतार बोनी वाली फसलों में ऐसे यंत्र जलवायु-स्मार्ट एवं टिकाऊ कृषि की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।

इं. पंकज मिंज, सब्जेक्ट मैटर स्पेशलिस्ट (एग्री.इंजीनियरिंग), कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर

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