
बिलासपुर । एआईएसएफ के द्वारा शहीद चंद्र शेखर आजाद नगर देवरीखुर्द बिलासपुर में शाम को 7 बजे सोनम वांगचुक के समर्थन में दिल्ली में हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में निकाला गया कैंडल मार्च; शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफा मांगा। सोनम वांगचुक के समर्थन और दिल्ली पुलिस की दमनकारी – कार्रवाई के खिलाफ सड़कों पर उतरे छात्र और युवा। नेताओं का तीखा हमला के प्रदेश उपाध्यक्ष धीरज शर्मा और प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत शर्मा ने मोदी सरकार की तानाशाही नीतियों को घेरा। इस्तीफे की गूंज शातिपूर्ण आंदोलन पर हुए बर्बर लाठीचार्ज के विरोध में धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और छात्रों की मांगों को मिला पुरजोर समर्थन। मोदी सरकार के खिलाफ तीखी नारेबाजी, आंदोलन को और तेज करने का संकल्प मोदी सरकार की दमनकारी नीतियां धीरज शर्मा कैंडल मार्च के बाद आयोजित एक विरोध सभा को संबोधित करते हुए प्रदेश उपाध्यक्ष धीरज शर्मा ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा, मोदी सरकार पूरी तरह से तानाशाही और दमनकारी नीतियों पर उतर आई है। अपने अधिकारों के लिए शातिपूर्ण ढंग से आवाज
उठा रहे छात्रों पर लाठियां बरसाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार जनता की आवाज से डर गई है। हक की आवाज़ को लाठियों से नहीं दबा सकती सरकार विक्रांत शर्मासभा को आगे संबोधित करते हुए प्रदेश अध्यक्ष विक्रांत शर्मा ने कहा कि सोनम वांगचुक का संघर्ष पूरे देश के भविष्य को बचाने का संघर्ष है। उन्होंने दिल्ली पुलिस की कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा, शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर किया गया यह हमला देश के संवैधानिक अधिकारों पर हमला है। सरकार संवाद के सारे रास्ते बंद कर चुकी है, लेकिन युवा और छात्र इस दमन के आगे झुकने वाले नहीं हैं। कैंडल मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार की छात्र-विरोधी और जन-विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।





