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गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करें, फील्ड में प्रभावी कार्य से ही मिलेंगे परिणाम : कलेक्टर

कम पंजीयन और कुष्ठ उन्मूलन अभियान में शिथिलता पर बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश

मलेरिया एवं महामारी नियंत्रण के लिए मजबूत करें सूचना तंत्र

जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित

बिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में जिला स्वास्थ्य समिति की कार्यकारिणी समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, गर्भवती महिलाओं के पंजीयन, मलेरिया एवं महामारी नियंत्रण, टीबी उन्मूलन, कुष्ठ उन्मूलन अभियान सहित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा की गई। कलेक्टर ने उन्होंने गर्भवती महिलाओं के कम पंजीयन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तखतपुर बीएमओ एवं कुष्ठ उन्नमूलन अभियान में शिथिलता बरतने पर चारों बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बैठक में नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल भी मौजूद थे।
कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं के शत-प्रतिशत पंजीयन पर विशेष जोर देते हुए कहा कि सभी गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन अनिवार्य रूप से किया जाए। उन्होंने प्रत्येक गांव का नामवार डाटा तैयार कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि फील्ड स्तर पर प्रभावी ढंग से कार्य करने पर ही बेहतर परिणाम प्राप्त होंगे। समय पर पंजीयन एवं नियमित जांच से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की पहचान संभव होगी, जिससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाई जा सकेगी। उन्होंने संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने तथा सभी बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के कम पंजीयन पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तखतपुर विकासखंड के बीएमओ को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि गर्भवती महिलाओं का पंजीयन, उनकी नियमित जांच एवं आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना विभाग की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में मलेरिया एवं महामारी नियंत्रण की तैयारियों की समीक्षा की गई।


बीमारी की सूचना तत्काल मिले,इसके लिए सूचना तंत्र करे मजबूत

कलेक्टर ने सूचना तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के निर्देश देते हुए प्रत्येक गांव में कम से कम 10 सक्रिय लोगों का समूह गठित करने को कहा। इसमें सरपंच, पंच, शिक्षक, मितानिन सहित अन्य जागरूक नागरिकों को शामिल किया जाए, ताकि बीमारी की सूचना समय पर मिल सके और तत्काल नियंत्रण एवं उपचार की कार्रवाई की जा सके। उन्होंने मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों में विशेष कार्ययोजना तैयार करने, रैपिड टेस्ट की संख्या बढ़ाने, मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा नियमित रूप से गांवों का भ्रमण करने, पर्याप्त मात्रा में दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा मलेरिया मरीजों का तत्काल उपचार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है और महामारी नियंत्रण के लिए सभी संबंधित विभाग आपसी समन्वय से कार्य करें।

टीबी मुक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने के निर्देश

कलेक्टर ने टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा करते हुए सभी ग्राम पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने के लिए अधिक से अधिक निक्षय मित्र बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की सभी गतिविधियों की समयबद्ध ऑनलाइन पोर्टल में प्रविष्टि सुनिश्चित करने को कहा। बैठक में कुष्ठ उन्मूलन अभियान की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अभियान में शिथिलता बरतने पर चारों विकासखंड चिकित्सा अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए तथा अभियान को प्रभावी ढंग से संचालित करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही बैठक में स्वास्थ्य विभाग की अन्य योजनाओं की गहन समीक्षा की गई। बैठक में सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त संजय चंदेल, डीपीएम पीयूली मजूमदार, जिले के सभी विकासखंड चिकित्सा अधिकारी एवं स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

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