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15 अगस्त आयोजन में पंचों की अनदेखी का आरोप,ग्राम पंचायत बैमा में विवाद..

बिलासपुर ।ग्राम पंचायत बैमा में 15 अगस्त 2026 के राष्ट्रीय पर्व के आयोजन को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पंचायत के निर्वाचित पंचों ने सरपंच और सचिव पर नियमों की अनदेखी,मनमानी तथा पंचों को विश्वास में लिए बिना पंचायत का कामकाज संचालित करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। पंचों ने मामले की शिकायत कलेक्टर संजय अग्रवाल और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी संदीप अग्रवाल से करते हुए निष्पक्ष जांच तथा जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

पंचों का आरोप है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पर्व के आयोजन को लेकर पंचायत की सामान्य सभा अथवा आवश्यक बैठक नहीं बुलाई गई। 15 अगस्त को आयोजित मुख्य ध्वजारोहण कार्यक्रम में निर्वाचित पंचों को न तो विधिवत सूचना दी गई और न ही सम्मानपूर्वक आमंत्रित किया गया। पंचों का कहना है कि निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की इस तरह अनदेखी पंचायत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और जनप्रतिनिधियों के सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

पंचायत की राशि के उपयोग पर भी उठे सवाल

शिकायत में राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में पंचायत की राशि के उपयोग को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पंचों ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम पर सरकारी राशि खर्च करने से पहले आवश्यक प्रक्रिया, प्रस्ताव और पंचायत स्तर पर विचार-विमर्श किया गया या नहीं, इसकी जांच की जानी चाहिए। उन्होंने आयोजन से संबंधित स्वीकृति, प्रस्ताव, बिल-वाउचर और भुगतान सहित सभी अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।
इसके साथ ही पंचों ने पंचायत के पूर्व कामकाज और बैठकों के रिकॉर्ड की भी जांच की मांग की है। उनका कहना है कि इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि पंचायत में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार बैठकें आयोजित की गईं या नहीं तथा निर्णय प्रक्रिया में निर्वाचित पंचों को उचित भूमिका दी गई या नहीं।

कलेक्टर व मुख्य कार्यपालन अधिकारी से निष्पक्ष जांच की मांग

पंचों ने जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल को शिकायत सौंपकर पंचायत के कामकाज, स्वतंत्रता दिवस आयोजन और सरकारी राशि के उपयोग से जुड़े आरोपों की जांच की मांग की है। वहीं कलेक्टर संजय अग्रवाल को भी शिकायत देकर प्रशासनिक स्तर पर हस्तक्षेप करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी पाए जाने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है।

कांग्रेस नेता अंकित गौरहा ने कहा 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व में लापरवाही निंदनीय

इस मामले पर अंकित गौरहा ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रशासनिक उदासीनता के कारण यदि 15 अगस्त जैसे राष्ट्रीय पर्व के आयोजन में भी कर्मचारियों द्वारा लापरवाही बरती जा रही है और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को सम्मानपूर्वक आमंत्रित कर कार्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से आयोजित करना भी आवश्यक नहीं समझा जा रहा है, तो यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है।

उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय पर्व केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि देश की एकता,लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों से जुड़ा अवसर है। ऐसे कार्यक्रमों में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का सम्मान और उनकी गरिमापूर्ण सहभागिता सुनिश्चित करना प्रशासन और पंचायत की जिम्मेदारी है।
अंकित गौरहा ने कहा कि यदि शिकायत में लगाए गए आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों अथवा पंचायत पदाधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए उनके खिलाफ ठोस और नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की लापरवाही की पुनरावृत्ति न हो।

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