विश्व फिजियोथेरेपी दिवस पर विशेष : हृदय रोग और लकवे से उबरने में फिजियोथेरेपी बनी सहारा

“हृदय रोग व स्ट्रोक (लकवा) की रोकथाम, प्रबंधन और पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की भूमिका” : नियमित व्यायाम और समय पर उपचार से बच सकती हैं कई जिंदगियां* डॉ प्रतीक यादव (पीटी)
जांजगीर-चांपा। हर वर्ष 8 सितंबर को विश्व फिजियोथेरेपी दिवस मनाया जाता है। यह दिन वर्ष 1951 में वर्ल्ड फिजियोथैरेपी संगठन (पूर्व नाम वर्ल्ड कन्फेडरेशन फॉर फिजिकल थेरेपी) की स्थापना की स्मृति में मनाया जाता है। इस वर्ष विश्व स्तर पर तय की गई थीम है- “हृदय रोग एवं लकवे की रोकथाम, प्रबंधन तथा पुनर्वास में फिजियोथेरेपी और शारीरिक गतिविधि की भूमिका।” इसके माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया जा रहा है कि नियमित व्यायाम और समय पर फिजियोथेरेपी उपचार अपनाकर हृदय रोग तथा लकवे जैसी गंभीर बीमारियों से न केवल बचा जा सकता है, बल्कि इनके बाद भी बेहतर और स्वतंत्र जीवन जिया जा सकता है।
हृदय रोग बना मौत का सबसे बड़ा कारण
विश्व स्वास्थ्य संगठन व वर्ल्ड फिजियोथैरेपी की रिपोर्टों के अनुसार हृदय रोग दुनिया भर में मृत्यु का सबसे बड़ा कारण बना हुआ है। हर साल करीब दो करोड़ से अधिक लोग हृदय रोग व स्ट्रोक के कारण अपनी जान गंवाते हैं, जो विश्व की कुल मौतों का लगभग एक-तिहाई हिस्सा है। यदि समय रहते जीवनशैली में सुधार किया जाए और नियमित व्यायाम को दिनचर्या का हिस्सा बनाया जाए, तो हृदय रोग के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
स्ट्रोक के बाद पुनर्वास में फिजियोथेरेपी की अहम भूमिका
लकवा (स्ट्रोक) की स्थिति में मरीज के शरीर का एक हिस्सा कमजोर पड़ जाता है और चलने-फिरने, बोलने व सामान्य कामकाज में दिक्कत आने लगती है। ऐसे मरीजों के लिए फिजियोथेरेपी बेहद कारगर साबित होती है। नियमित फिजियोथेरेपी सत्रों के जरिए मरीज की मांसपेशियों की ताकत, संतुलन और चलने की क्षमता को धीरे-धीरे वापस लाया जाता है। इससे मरीज न सिर्फ शारीरिक रूप से स्वतंत्र बनता है, बल्कि उसका आत्मविश्वास भी लौटता है।
प्राइम एडवांस फिजियोथेरेपी एंड लेजर क्लीनिक के डायरेक्टर फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. प्रतीक यादव(पीटी) का कहना है कि हृदय रोग या स्ट्रोक के बाद मरीजों को जल्दबाजी में व्यायाम शुरू नहीं करना चाहिए, बल्कि चिकित्सक की सलाह पर धीरे-धीरे और सही तरीके से फिजियोथेरेपी प्रारंभ करनी चाहिए। शुरुआती दिनों में हल्के व्यायाम व सांस संबंधी अभ्यास, और बाद में चलने के अभ्यास से मरीज को काफी लाभ मिलता है
विश्व फिजियोथेरेपी दिवस लोगों को यह याद दिलाने का अवसर है कि स्वस्थ हृदय और सक्रिय जीवनशैली के लिए नियमित व्यायाम कितना आवश्यक है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे रोजाना कम से कम 30 मिनट टहलें, संतुलित खानपान अपनाएं और शरीर में किसी भी तरह की तकलीफ को नजरअंदाज न करें, बल्कि समय रहते चिकित्सकीय सलाह लें।