Blog

मीटर रीडर नहीं पहुंच रहे उपभोक्ताओं तक

ई-केवाईसी की धीमी रफ्तार से बढ़ी चिंता

8.57 लाख कनेक्शनों में अब तक सिर्फ 26 हजार की ई-केवाईसी

सर्वर और नेटवर्क बना बाधा; एई-जेई करेंगे निगरानी

बिलासपुर।बिजली कनेक्शनों और उपभोक्ताओं के रिकॉर्ड को प्रमाणित करने के लिए शुरू की गई ई-केवाईसी की रफ्तार ग्रामीण क्षेत्रों में काफी धीमी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने संभाग में 8 लाख 57 हजार 800 उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी कराने का लक्ष्य रखा है। 1 सितंबर से शुरू हुए अभियान में अब तक करीब 26 हजार उपभोक्ताओं की ही ई-केवाईसी पूरी हो सकी है। मौजूदा रफ्तार बनी रही तो पूरी प्रक्रिया में करीब 8 माह लग सकते हैं। इसे देखते हुए बिजली कंपनी ने अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।ई-केवाईसी की मुख्य जिम्मेदारी मीटर रीडरों को दी गई है, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में कई जगह मीटर रीडर उपभोक्ताओं तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। वहीं, संपर्क होने के बाद भी मोर बिजली एप का सर्वर धीमा होने और इंटरनेट व मोबाइल नेटवर्क की समस्या के कारण प्रक्रिया पूरी करने में परेशानी आ रही है। अब ग्रामीण क्षेत्रों में पदस्थ सहायक अभियंता और कनिष्ठ अभियंताओं को भी ई-केवाईसी अभियान की निगरानी कर इसे गति देने की जिम्मेदारी दी गई है।

मृत उपभोक्ताओं के कनेक्शन भी होंगे चिन्हित

ई-केवाईसी के जरिए बिजली विभाग के रिकॉर्ड को अपडेट करने के साथ मृत उपभोक्ताओं के नाम पर संचालित कनेक्शनों की भी पहचान की जाएगी। वैध उत्तराधिकारी या संबंधित रिकॉर्ड नहीं मिलने पर ऐसे कनेक्शनों की जांच की जा सकती है। जांच के बाद नियमानुसार कनेक्शन बंद करने की कार्रवाई भी संभव है।

पिता या परिवार के सदस्य के नाम कनेक्शन पर भी जरूरी

बड़ी संख्या में बिजली कनेक्शन पिता या परिवार के किसी अन्य सदस्य के नाम पर दर्ज हैं, जबकि उनका उपयोग परिवार के दूसरे सदस्य कर रहे हैं। बिजली कंपनी ने ऐसे कनेक्शनों की भी ई-केवाईसी कराने के निर्देश दिए हैं। कंपनी के अनुसार ई-केवाईसी नहीं कराने वाले कनेक्शनों की आगे जांच की जा सकती है। रिकॉर्ड प्रमाणित नहीं होने पर नियमानुसार कनेक्शन काटने की कार्रवाई भी हो सकती है।

आधार से लेकर नेटवर्क तक कई दिक्कतें

ई-केवाईसी के दौरान आधार में मोबाइल नंबर लिंक नहीं होना, ओटीपी नहीं आना या देर से आना, आधार और बिजली रिकॉर्ड में नाम-पते में अंतर, पुराना मोबाइल नंबर, गलत पहचान संबंधी जानकारी, कमजोर नेटवर्क और डिजिटल प्रक्रिया की जानकारी का अभाव जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं। बुजुर्ग उपभोक्ताओं को भी ई-केवाईसी पूरी करने के लिए सहायता की जरूरत पड़ रही है।

वर्जन
जिन उपभोक्ताओं के नाम पर बिजली कनेक्शन दर्ज है, उनके लिए ई-केवाईसी कराना जरूरी है। इसके लिए ‘मोर बिजली’ एप और ग्रामीण क्षेत्रों में मीटर रीडरों को जिम्मेदारी दी गई है। ई-केवाईसी नहीं कराने वाले कनेक्शनों के रिकॉर्ड की जांच की जा सकती है और नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। सभी संबंधित उपभोक्ताओं से जल्द ई-केवाईसी पूरी कराने की अपील की गई है।

एके अम्बस्थ
कार्यपालक निदेशक
बिजली विभाग

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *