बिलासपुर में खुलेआम बिक रही नशीले जहर की पुड़िया….डीपी कालेज के पास होती है बिक्री…कार्रवाई के बाद भी नहीं सुधरा तस्कर
एक वीडियो ने खोली कार्रवाई और संरक्षण की पोल
बिलासपुर । शहर में नशे के खिलाफ पुलिस के लगातार अभियान और कार्रवाई के दावों के बीच गांजे की कथित खुलेआम बिक्री का एक वीडियो सामने आया है। वीडियो सामने आने के बाद नशे के अवैध कारोबार को लेकर पुलिस की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वीडियो में एक टीम ग्राहक बनकर कथित तौर पर गांजा खरीदते नजर आ रही है। दावा किया गया है कि शहर के अलग-अलग इलाकों में छोटी दुकानों और गली-मोहल्लों तक गांजे की पुड़िया आसानी से उपलब्ध है।
दरअसल वीडियो में एक कथित स्टिंग ऑपरेशन के जरिए गांजे की बिक्री की पड़ताल की गई है। वीडियो के मुताबिक पहला मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र का बताया जा रहा है। डीपी कॉलेज से करीब 100 मीटर की दूरी पर मुख्य सड़क किनारे संचालित मुर्गा दुकान में टीम ग्राहक बनकर पहुंचती है। वीडियो में दुकान के कर्मचारी से गांजा मांगे जाने के बाद कथित तौर पर 50 रुपये की गांजे की पुड़िया उपलब्ध कराते हुए दिखाया गया है।स्टिंग वीडियो में इसके बाद सकरी थाना क्षेत्र का भी जिक्र सामने आता है। यहां भी एक दुकानदार से कथित तौर पर गांजा आसानी से उपलब्ध होने का दावा किया गया है। यदि वीडियो में सामने आए दावे सही पाए जाते हैं तो यह केवल अवैध नशे की बिक्री का मामला नहीं, बल्कि शहर में नशीले पदार्थों की पहुंच और सप्लाई चेन पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है।बिलासपुर पुलिस की तरफ से समय-समय पर नशे के खिलाफ कार्रवाई की जानकारी सार्वजनिक की जाती रही है। गांजा, नशीली गोलियों और अन्य मादक पदार्थों के मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी भी सामने आती रही है। इसके बावजूद यदि शहर के व्यस्त इलाकों और शिक्षण संस्थानों के आसपास गांजा आसानी से उपलब्ध होने का दावा करने वाला वीडियो सामने आता है, तो पुलिस की जमीनी निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। खास तौर पर कॉलेज जैसे शिक्षण संस्थान के आसपास नशीले पदार्थ की कथित बिक्री का मामला सामने आना चिंता बढ़ाने वाला है। ऐसे स्थानों पर नशे के कारोबार पर प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई की जरूरत है। वीडियो सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन कथित ठिकानों पर पुलिस कब पहुंचती है और जांच में क्या सामने आता है। यदि स्टिंग में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं तो केवल फुटकर विक्रेताओं तक कार्रवाई सीमित रखने के बजाय गांजा पहुंचाने वाले पूरे नेटवर्क की जांच जरूरी होगी। साथ ही यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि प्रतिबंधित नशीला पदार्थ इन इलाकों तक कैसे पहुंच रहा है और स्थानीय स्तर पर इसकी निगरानी क्यों नहीं हो सकी।फिलहाल सामने आए वीडियो ने फिलहाल नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के जमीनी असर और पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर कई सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं
कई बार हो चुकी है कार्रवाई
सिटी कोतवाली पोली ए और साइबर सेल के अलावा क्राइम ब्रांच की टीम ने एक बार नहीं बल्कि कई बार गांजा की तस्करी करने वाले यह युवक को गिरफ्तार कर जेल भेजा है।लेकिन जेल से बाहर आने के बाद फिर से गांजा की बिक्री शुरू कर देता है।खबर यह भी है कि गांजा की सप्लाई उड़ीसा से होती है कम दाम में मंगवाकर ग्राहकों को ज्यादा कीमत में बेचने का काम किया जाता है।