काउंसलिंग रजिस्टर में हेरफेर,पत्नी और महिला थाना काउंसलर पर एफआईआर
परिवार परामर्श केंद्र
पहले लिखाया था ‘केस खारिज करवाना चाहती हूं’, बाद में बदला
बिलासपुर।महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र के काउंसलिंग रजिस्टर में हेरफेर कर एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई कराने का मामला सामने आया है। मामले में पति ने अपनी पत्नी और परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर पर दस्तावेज में कथित कूटरचना और हेरफेर का आरोप लगाया। इस मामले में न्यायालय के आदेश के बाद सिविल लाइन पुलिस ने पत्नी व कांउसलर के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। मामला स्मृति नगर भिलाई निवासी सुधांशु मिश्रा 34 साल और लिंगियाडीह निवासी उनकी पनी रितु मिश्रा 33 साल से से जुड़ा है। शिकायत में परिवार परामर्श केंद्र की काउंसलर आशा सिंह को भी आरोपी बनाया गया है।
आईजी और एसपी ऑफिस में भी की शिकायत
युवक ने इस मामले को लेकर पूर्व में आईजी, एसपी और महिला थाना में शिकायत की थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं हुई। इसके बाद उसे न्यायालय की शरण लेनी पड़ी। न्यायालय के आदेश पर सिविल लाइन पुलिस ने अब अपराध दर्ज कर लिया है।
12 जून 2023 की एंट्री बनी विवाद की वजह
परिवादी सुधांशु मिश्रा की शिकायत के मुताबिक उसकी पत्नी ने महिला थाना स्थित परिवार परामर्श केंद्र में शिकायत की थी। 12 जून 2023 को अंतिम काउंसलिंग के दौरान दोनों की काउंसलिंग आशा सिंह ने की। उस समय काउंसलिंग रजिस्टर में पत्नी की ओर से लिखा गया था कि आवेदिका इस केस को खारिज करवाना चाहती है। इस पर पत्नी,पति और काउंसलर के हस्ताक्षर भी हुए थे। युवक ने बाद में इस कार्यवाही की प्रमाणित प्रति हासिल की थी। इसके आधार पर उसे लगा कि मामला समाप्त हो चुका है।
चार साल बाद दर्ज एफआईआर में सामने आया बदलाव
कुछ समय बाद पत्नी ने सरकंडा थाने में युवक और परिवार के सदस्यों के खिलाफ दहेज प्रताड़ना का अपराध दर्ज करा दिया। बाद में उसमें चालान पेश किया गया। इसी दस्तावेजी कार्रवाई के दौरान युवक को पता चला कि पुराने काउंसलिंग रजिस्टर में ‘आवेदिका इस केस को खारिज करवाना चाहती हूं’ के ऊपर बाद में ‘आवेदिका कार्यवाही चाहती है।’ लिख दिया गया है। सुधांशु ने आरोप लगाया कि उसकी जानकारी और अनुपस्थिति में रजिस्टर में हेरफेर कर दस्तावेज तैयार किया गया और उसका इस्तेमाल आगे की पुलिस कार्रवाई में किया गया।