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हालात कितने भी कठिन हों, हौसला मत हारो, मंजिल मिलने तक कदम बढ़ाते रहो” — ओ.पी. चंद्रवंशी

नयनतारा शर्मा महाविद्यालय में विद्यार्थियों को मिला सफलता का मंत्र, संघर्ष, अनुशासन और आत्मविश्वास से सपनों को साकार करने की दी सीख

खेल और शिक्षा में संतुलन बनाकर भी हासिल की जा सकती है सफलता — हाईकोर्ट अधिवक्ता ज्योति रॉय

बिलासपुर। सफलता का रास्ता हमेशा आसान नहीं होता, लेकिन मजबूत इरादे, निरंतर मेहनत और आत्मविश्वास के बल पर जीवन की बड़ी से बड़ी चुनौतियों को पार किया जा सकता है। परिस्थितियां चाहे कितनी भी विपरीत क्यों न हों, व्यक्ति को अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए। कुछ ऐसा ही प्रेरणादायी संदेश नायब तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट ओपी. चंद्रवंशी ने नयनतारा शर्मा महाविद्यालय, पंधी में आयोजित सेमिनार सप्ताह के द्वितीय दिवस विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए दिया।महाविद्यालय में आयोजित इस विशेष प्रेरणादायी एवं करियर मार्गदर्शन सत्र में नायब तहसीलदार एवं कार्यपालक मजिस्ट्रेट, गनियारी श्री ओ.पी. चंद्रवंशी तथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की अधिवक्ता सुश्री ज्योति रॉय विशेष वक्ता के रूप में उपस्थित रहे। दोनों वक्ताओं ने अपने अनुभवों और प्रेरक विचारों के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने तथा सफलता प्राप्त करने के महत्वपूर्ण सूत्र बताए।

संघर्ष से घबराने वाले नहीं, संघर्ष का सामना करने वाले लिखते हैं सफलता की कहानी — चंद्रवंशी

विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए श्री चंद्रवंशी ने कहा कि जीवन में कठिनाइयां, असफलताएं और चुनौतियां आना स्वाभाविक है, लेकिन इनसे घबराकर रुक जाना किसी समस्या का समाधान नहीं है। प्रत्येक चुनौती व्यक्ति को कुछ नया सीखने और स्वयं को बेहतर बनाने का अवसर देती है।उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि “परिस्थितियां कैसी भी हों, रुकना नहीं है। लक्ष्य कितना भी बड़ा क्यों न हो, यदि मेहनत ईमानदारी से की जाए और प्रयास निरंतर जारी रहे, तो सफलता की राह अवश्य बनती है।उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को अपने जीवन का लक्ष्य स्पष्ट रखना चाहिए और उसे प्राप्त करने के लिए अनुशासन, धैर्य, समय का सदुपयोग तथा सकारात्मक सोच को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।
उन्होंने युवाओं को असफलताओं से निराश होने के बजाय उनसे सीख लेकर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। साथ ही बताया कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि निरंतर परिश्रम, दृढ़ इच्छाशक्ति और अपने उद्देश्य के प्रति समर्पण से प्राप्त होती है।

राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सर से हाईकोर्ट अधिवक्ता तक का सफर बना प्रेरणा

कार्यक्रम की दूसरी विशेष वक्ता छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय की अधिवक्ता सुश्री ज्योति रॉय ने अपने जीवन के अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को बताया कि दृढ़ इच्छाशक्ति और बेहतर समय-प्रबंधन से खेल तथा शिक्षा, दोनों क्षेत्रों में सफलता प्राप्त की जा सकती है।उन्होंने बताया कि वे राष्ट्रीय स्तर की बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं और लगभग 18 मैराथन दौड़ों में भी हिस्सा ले चुकी हैं। खेलों के प्रति अपने जुनून के साथ उन्होंने शिक्षा को भी निरंतर महत्व दिया और आज छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय में अधिवक्ता के रूप में कार्य कर रही हैं।उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि खेल केवल शारीरिक विकास का माध्यम नहीं हैं, बल्कि जीवन में अनुशासन, आत्मविश्वास, संघर्ष करने की क्षमता और हार के बाद दोबारा उठ खड़े होने का साहस भी सिखाते हैं।उनकी खेल और शिक्षा से जुड़ी उपलब्धियों ने विद्यार्थियों को यह संदेश दिया कि सही दिशा में किया गया परिश्रम व्यक्ति के लिए सफलता के अनेक रास्ते खोल सकता है।

विद्यार्थियों में दिखा उत्साह, भविष्य को लेकर मिली नई दिशा

सेमिनार के दौरान दोनों वक्ताओं ने विद्यार्थियों को जीवन में लक्ष्य निर्धारण, आत्मविश्वास, समय-प्रबंधन और निरंतर प्रयास के महत्व से अवगत कराया।प्रेरणादायी विचारों और वास्तविक जीवन के अनुभवों से विद्यार्थियों को शिक्षा, करियर और व्यक्तिगत विकास के संबंध में महत्वपूर्ण मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। कार्यक्रम ने युवाओं को अपने सपनों के प्रति गंभीर रहने और चुनौतियों का सामना सकारात्मक दृष्टिकोण से करने के लिए प्रेरित किया।

किताबी ज्ञान के साथ जीवन के अनुभवों से भी सीखें विद्यार्थी — महाविद्यालय प्रबंधन

इस अवसर पर महाविद्यालय के डायरेक्टर एवं चेयरमैन श्री प्रांजल धर शर्मा, प्राचार्य डॉ. सुलक्षना वास्निक, सह-प्राचार्य डॉ. शशिकांत शुक्ला सहित महाविद्यालय के समस्त स्टाफ एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।महाविद्यालय प्रबंधन ने बताया कि शिक्षा का उद्देश्य केवल विद्यार्थियों को पुस्तकीय ज्ञान प्रदान करना नहीं, बल्कि उनमें आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, सकारात्मक सोच और जीवन की चुनौतियों का सामना करने की योग्यता विकसित करना भी है।इसी उद्देश्य से महाविद्यालय में ऐसे व्यक्तित्वों को आमंत्रित किया जाता है, जिन्होंने अपने जीवन में संघर्ष, मेहनत और दृढ़ संकल्प के बल पर सफलता प्राप्त की है।प्रबंधन ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे प्रेरणादायी कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर किया जाएगा, ताकि विद्यार्थी सफल व्यक्तित्वों के अनुभवों से सीख लेकर अपने जीवन और करियर को बेहतर दिशा दे सकें।नयनतारा शर्मा महाविद्यालय का यह प्रेरणादायी आयोजन विद्यार्थियों को एक महत्वपूर्ण संदेश दे गया कि सफलता किसी एक दिन की उपलब्धि नहीं, बल्कि निरंतर मेहनत, धैर्य, अनुशासन और कभी हार न मानने वाले जज्बे का परिणाम है।

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