
पार्षद पर सरकारी जमीन कब्जाने, भूमिहीन योजना से लाभ लेने का आरोप,…

.पार्षद को पद से हटाने व परिवार के भूमि आवंटन दस्तावेजों की जांच की मां
जांजगीर चांपा/बिलासपुर/शिवरीनारायण। शिवरीनारायण में नगर पंचायत के वार्ड 12 की पार्षद रेखा बाई कश्यप का परिवार शासकीय भूमि पर कब्जे और भूमिहीन योजना के तहत पात्रता को लेकर शिकायत के घेरे में है। नगर के गौरव केशरवानी ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर पार्षद को पद से हटाने और परिवार से जुड़े भूमि आवंटन व दस्तावेजों की जांच की मांग की है। शिकायतकर्ता ने बताया कि भोगहापारा स्थित पटवारी हल्का नंबर 08 की शासकीय भूमि खसरा नंबर 723/1क में राजस्व निरीक्षक शिवरीनारायण की 7 जून 2022 की जांच रिपोर्ट में आवंटित भूखंड से अतिरिक्त भूमि पर कब्जे का उल्लेख है। रिपोर्ट के अनुसार, भूखंड के उत्तर दिशा में लगभग 1900 वर्गफीट भूमि को बाउंड्रीवाल से घेरा गया है, जबकि पश्चिम दिशा में करीब 3120 वर्गफीट भूमि पर लकड़ी रखकर फर्नीचर का काम किया जा रहा है। शिकायत में इन तथ्यों की जांच की मांग की गई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख है कि
राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत वर्ष 2019 में परमानंद कश्यप और रेखा बाई कश्यप के नाम पर 1000-1000 वर्गफीट के भूखंड आवंटित किए गए। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट में इन भूखंडों पर प्रधानमंत्री अवास योजना के तहत निर्माण और अतिरिक्त भवन निर्माण की अनुमति का भी जिक्र है। गौरव केशरवानी ने पट्टा आवंटन, भूमि की सीमाओं और कब्जे की वैधानिकता की जांच की मांग की है। शिकायत में पार्षद के पति परमानंद कश्यप और उनके दोनों पुत्रों ललित कश्यप तथा आशीष कश्यप के शपथपत्रों पर भी सवाल उठाए गए हैं। तीनों ने 10 अगस्त 2026 को भूमिहीन योजना के तहत लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से शपथपत्र निष्पादित किए हैं। शिकायतकर्ता ने परिवार के सदस्यों के नाम पर भूमि आवंटन और भवन संबंधी रेकॉर्ड होने का हवाला देते हुए उनकी पात्रता की जांच की मांग की है। बिजली कनेक्शन और कर भुगतान रेकॉर्ड का सत्यापन कर भूमिहीन योजना के नियमों के अनुसार पात्रता स्पष्ट करने की बात कही गई है। कलेक्टर से निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
सरकारी जमीन पर कब्जा करने की मंशा
शिवरीनारायण में वार्ड क्रमांक 12 की पार्षद रेखा परमानंद कश्यप के परिवार पर शासकीय भूमि पर कब्जे को लेकर सवाल उठाए गए हैं। पार्षद रेखा कश्यप का बड़ा पुत्र ललित कश्यप भाजयुमो के जिला महामंत्री हैं। शिकायतकर्ता का आरोप है कि सत्तापक्ष का प्रभाव दिखाकर सरकारी जमीन पर कब्जा किया गया है। रेखा परमानंद कश्यप के नाम से सरकारी पट्टा जारी होने के बाद भी उनके पति परमानंद कश्यप उनके पुत्र ललित कश्यप और आशीष कश्यप ने भी अपने नाम से पट्टा बनवाने के लिए तहसील में आवेदन दिया हैं। इस आधार पर घर के चारों सदस्यों के नाम से पट्टा बनवाने के लिए सत्तापक्ष का डर दिखा कर काम लिया जा रहा हैं।
अभिलेखों का मिलान कर भूमि की स्थिति की करें जांच
ज्ञापन में कहा गया है कि राजीव गांधी आश्रय योजना के तहत वर्ष 2019 में परमानंद कश्यप और रेखा बाई कश्यप के नाम पर 1000-1000 वर्गफीट के भूखंड आवंटित किए जाने की जानकारी सामने आई है। ऐसे में आवंटित भूमि की सीमाओं,
अतिरिक्त निर्माण और कथित कब्जे की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की गई है। शिकायतकर्ता ने राजस्व विभाग और नगर पंचायत के अभिलेखों का मिलान कर भूमि की वैधानिक स्थिति की जांच कराने पर जोर दिया है।
पति और दोनों बेटों के शपथपत्रों पर भी सवाल
शिकायत में पार्षद के पति परमानंद कश्यप और उनके दोनों पुत्रों ललित कश्यप तथा आशीष कश्यप की भूमिहीन योजना के तहत पात्रता पर भी सवाल उठाए गए हैं। ज्ञापन के अनुसार, तीनों ने 10 अगस्त 2026 को नोटरी के समक्ष शपथपत्र निष्पादित कराए है। शिकायतकर्ता ने परिवार के सदस्यों के नाम पर भूमि आवंटन और भवन से संबंधित अभिलेख होने का हवाला देते हुए इन शपथपत्रों की
सत्यता और योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार पात्रता की जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में बिजली कनेक्शन और नगर पंचायत में कर भुगतान से संबंधित अभिलेखों का भी उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि संबंधित दस्तावेजों का सत्यापन कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि परिवार के सदस्य भूमिहीन योजना का लाभ लेने के लिए निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं या नहीं।
अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका की जांच की मांग
कलेक्टर को सौंपे गए ज्ञापन में राजस्व विभाग, नगर पंचायत और विद्युत विभाग के अभिलेखों की जांच कराने की मांग की गई है। इसमें पट्टा आवंटन, भवन निर्माण की अनुमति, कर भुगतान, बिजली कनेक्शन और भूमि पर वास्तविक कब्जे की स्थिति का परीक्षण शामिल है। शिकायतकर्ता ने कहा है कि यदि जांच में अनियमितता प्रमाणित होती है तो संबंधित व्यक्तियों के साथ जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही नगर पालिका अधिनियम के प्रिवधानों के तहत पार्षद की पद पर बने रहने की पात्रता की जांच कर आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।
वर्जन
मामला संज्ञान में आया हैं।
जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
लोमस कुमार, तहसीलदार
शिवरीनारायण





