BLO का शॉर्टकट से खुला मतदाता सत्यापन की प्रक्रिया पर बड़ा सवाल…
घर-घर नहीं, खुले में कैंप,BLO की कार्यशैली से पारदर्शिता पर प्रहार….
लोकतंत्र का आधार हिला,सत्यापन प्रक्रिया में ब्लॉक-लेवल गड़बड़ियां सामने….
बिलासपुर।मतदाता सूची का भौतिक सत्यापन यह वह काम है जो लोकतंत्र की नींव को मजबूत बनाता है। लेकिन बिलासपुर के कई इलाकों से चौंकाने वाली शिकायतें सामने आई हैं। बूथ लेवल अधिकारी यानी BLO, जिन्हें घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करना था, वे तय प्रक्रिया को दरकिनार कर रहे हैं। निर्देशों के विपरीत, कई BLO फील्ड में जाने के बजाय खुले में, स्कूल परिसर में या पेड़ के नीचे कैंप लगाकर लोगों को फोन पर बुला रहे हैं।
विओ:- चुनाव आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि BLO को हर मतदाता के घर पहुंचकर उनका पता, भाग क्रमांक और विधानसभा के अनुसार जानकारी का मिलान करना है। साथ ही वर्ष 2003 की मतदाता सूची की प्रति भी उपलब्ध करानी है। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।सूत्रों के मुताबिक कई BLO घर-घर जाने की जगह शॉर्टकट अपना रहे हैं। वे मतदाताओं को फोन कर कहते हैं।स्कूल आ जाइए, यहां फॉर्म भर दीजिए।मतदाता बताते हैं कि यह प्रक्रिया पूरी तरह गलत है और इससे असली सत्यापन नहीं हो पाता। इस तरह की ढिलाई ने पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। जब BLO घर जाकर पता ही नहीं चेक करेंगे, तो यह कैसे सुनिश्चित होगा कि मतदाता वास्तव में उसी पते पर रहता है या नहीं? ऐसे में डुप्लीकेट या फर्जी नामों को हटाने का मकसद अधूरा रह जाता है। इस विषय में जब जिला कलेक्टर संजय अग्रवाल से बात की गई तो उन्होंने निर्वाचन आयोग के वेबसाइट के जरिए से मतदाता को उनके बारे में पुरी जानकारी मिल जायेगी
यह सत्यापन आगामी चुनावों के लिए त्रुटिरहित मतदाता सूची बनाने का बेहद अहम चरण है। ऐसे में BLO द्वारा निर्देशों का उल्लंघन न केवल प्रक्रिया को कमजोर कर रहा है, बल्कि लोकतांत्रिक विश्वसनीयता पर भी चोट पहुंचा रहा है।अब ज़रूरत है कि उच्च अधिकारी तुरंत संज्ञान लें और सुनिश्चित करें कि सभी BLO तय नियमों के अनुसार ही भौतिक सत्यापन का काम करें।
मतदाता सूची की सटीकता यही चुनाव की असली नींव है।