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पॉक्सो एक्ट के मामले में विवेचको के लिए कार्यशाला का आयोजन

एडीजे पूजा जायसवाल जिला व सत्र न्यायालय बिलासपुर, एडीजे वेसनलास टोप्पो जिला व सत्र न्यायालय बिलासपुर,ने पॉक्सो एक्ट से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी दी

बिलासपुर ।पुलिस ने पॉक्सो अधिनियम के विवेचना में कड़ी व सक्त कार्यवाही और अपराधियों की दोषसिद्धी के लिए कार्यशाला आयोजित किया गया । एसएसपी रजनेश सिंह ने पॉक्सो एक्ट से संबंधित प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए यह कार्यशाला आयोजित किया।
कार्यशाला में बिलासपुर जिला के सभी थाना प्रभारी और महिला पुलिस अधिकारी विवेचक उपस्थित हुए और पास्को एक्ट से संबंधित प्रकरणों की विवेचना को और बेहतर तरीके से करने के लिए आवश्यक दिशा निर्देश और कमी को दूर करने का तरीका समझे और सीखे ।


इस कार्यशाला में एडीजे पूजा जायसवाल जिला व सत्र न्यायालय बिलासपुर के द्वारा नाबालिग बालिकाओं बच्चों से संबंधित अपराधों को गंभीरता से लेते हुए अनिवार्य रूप से और सक्त कार्यवाही करने पर ज़ोर दिया गया और बताया गया कि अपराध घटित होने के समय बालक बालिका नाबालिग हो और पकड़े जाने के समय बालिक हो तो बालिका को नाबालिग मानकर और बालक को बालिग मानकर विवेचना में लिया जाना आवश्यक है,।तथा एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी कि अपराध घटित होने में बालिका पीड़िता का उम्र का मापदंड के लिए दस्तावेज 10 वी कक्षा अंकसूची, जन्म प्रमाण पत्र, नगर पंचायत नगर पालिका नगर निगम का रजिस्टर अंकन, हड्डी परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर करना चाहिए। पॉक्सो एक्ट से संबंधित कई महत्वपूर्ण जानकारियाँ दी गईं जो भविष्य में विवेचना में मददगार सिद्ध होगी ।


एडीजे वेसनलास टोप्पो जिला व सत्र न्यायालय बिलासपुर द्वारा पॉक्सो एक्ट के प्रकरण में विवेचक के द्वारा विवेचना में चूक को दूर करने के लिए बताया गया कि विवेचना व प्रस्तुत चालान में पटवारी नक्शा महत्वपूर्ण साक्ष्य है जिसका उपयोग किया जाए । और पीड़िता के मुकर जाने पर भौतिक साक्ष्य के आधार पर दोषी सिद्ध किया जा सकता है ।इसके अलावा बताया गया कि मुकबधिर बालक बालिका से संबधित अपराध में किस प्रकार साक्ष्य संकलन किया जाना चाहिए । पॉस्को एक्ट के अंतर्गत प्रकरण की विवेचना में कमी दूर करने के उपाय बताये गए ।


। एसएसपी रजनेश सिंह ने बिलासपुर पुलिस द्वारा की जा रही कार्यवाही और विवेचना की सराहना करते हुए आधुनिक तकनीक वैज्ञानिक और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे फोटो वीडियो इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के माध्यम से साक्ष्य संकलन पर जोर दिए और भविष्य में विवेचना को बेहतर और प्रभावी तरीके से प्रस्तुत कर दोषसिद्ध करने में सफलता प्राप्त करे ।

कार्यशाला में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर राजेन्द्र जायसवाल, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ अर्चना झा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक एसीसीयू अनुज कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे, डीएसपी हेड क्वार्टर रश्मित कौर चावला, डीएसपी आजक डेरहा राम टंडन, डीएसपी आईयूसीए अनिता मिंज, डीएसपी लाइन मंजुलता केरकेट्टा सहित जिला के थाना चौकी प्रभारी और 80 सें अधिक विवेचक शामिल रहे ।

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