तेल आयात में निर्भरता को कम करने की ओर अग्रसर: बिलासपुर में पाम ऑयल पौधों का रोपण

कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर की पहल
बिलासपुर – भारत सरकार के कृषि एवं कृषक कल्याण विभाग द्वारा प्रायोजित राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन – पाम ऑयल (NMEO-OP) के अंतर्गत, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर तथा छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी एवं वानिकी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में, बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर में पाम ऑयल पौधों का रोपण किया गया।

यह कार्यक्रम महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे के मार्गदर्शन एवं प्राध्यापक (उद्यानिकी) डॉ. संजय कुमार वर्मा के नेतृत्व में सम्पन्न हुआ। कुल 1 हेक्टेयर क्षेत्र में 143 पाम ऑयल पौधों का वैज्ञानिक त्रिकोणीय रोपण किया गया, जिसमें रामतिल को अंतरवर्ती फसल के रूप में शामिल कर भूमि उपयोग की दक्षता और अतिरिक्त आय के अवसरों को बढ़ाया गया है।

डॉ. एन.के. चौरे ने जानकारी दी कि इस परियोजना का उद्देश्य भारत की खाद्य तेलों पर आयात निर्भरता को कम करते हुए, किसानों को तेल पाम की व्यावसायिक एवं टिकाऊ खेती की ओर उन्मुख करना है। यह मॉडल प्लांटेशन न केवल अनुसंधान व प्रशिक्षण का एक आदर्श केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्रीय किसानों को वैज्ञानिक तकनीकों से पाम ऑयल उत्पादन की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण शिविर, कार्यशालाएं व भ्रमण कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे।

यह पहल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे स्थानीय कृषि विविधीकरण, रोजगार सृजन, एवं किसानों की आय में वृद्धि के नए अवसर उत्पन्न होंगे।