एनर्जी पार्क में कृषि छात्रों ने किया शैक्षणिक भ्रमण, अक्षय ऊर्जा तकनीकों का लिया प्रत्यक्ष अनुभव

बिलासपुर, – बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के बी.एस.सी. (कृषि) द्वितीय वर्ष के छात्रों ने नवीकरणीय ऊर्जा और हरित प्रौद्योगिकी विषय (पाठ्यक्रम AENGG 5221) के अंतर्गत एक दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण किया। यह भ्रमण डॉ. मोहम्मद तहसीन अशरफ, अतिथि शिक्षक, कृषि अभियांत्रिकी (कृषि मशीनरी एवं विद्युत अभियांत्रिकी) के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ।

यह शैक्षणिक यात्रा छत्तीसगढ़ अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण (क्रेडा) द्वारा संचालित एनर्जी पार्क, राज किशोर नगर, बिलासपुर में आयोजित की गई। भ्रमण का उद्देश्य छात्रों को नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों की व्यवहारिक जानकारी देना तथा उनके कार्य-प्रणालियों को प्रत्यक्ष रूप से समझाना था।

भ्रमण के दौरान छात्रों ने विभिन्न वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों के कार्यशील मॉडल देखे, जिनमें प्रमुख थे:
- सोलर कंसेंट्रेटर कलेक्टर: जिससे सूर्य की ऊष्मा एक बिंदु पर केंद्रित कर ऊष्मीय ऊर्जा प्राप्त की जाती है।
- फ्लोटिंग टाइप बायोगैस प्लांट: जलस्रोत पर तैरते हुए बायोगैस उत्पादन की नवीनतम तकनीक, जो ग्रामीण क्षेत्रों के लिए अत्यंत उपयोगी है।
- टाइडल एनर्जी मॉडल: समुद्री ज्वार-भाटे से ऊर्जा उत्पन्न करने की प्रक्रिया को प्रदर्शित करता है।
- जियोथर्मल एनर्जी: पृथ्वी की आंतरिक ऊष्मा से ऊर्जा प्राप्त करने की प्रक्रिया का अध्ययन।
- विंड एनर्जी टरबाइन: पवन ऊर्जा को विद्युत में परिवर्तित करने की प्रणाली।

इन मॉडलों के माध्यम से छात्रों को सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ प्रायोगिक पक्ष की भी विस्तृत जानकारी मिली। छात्रों ने विशेषज्ञों से सवाल पूछे और नवीकरणीय ऊर्जा के विविध अनुप्रयोगों के बारे में जानकारी प्राप्त की।

अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे ने बताया कि यह भ्रमण छात्रों के लिए अत्यंत लाभकारी रहा, जिससे वे भविष्य में हरित प्रौद्योगिकी और पर्यावरणीय स्थिरता की दिशा में नए विचारों और नवाचारों को विकसित कर सकेंगे।
इस अवसर पर छात्रों ने यह भी समझा कि जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अक्षय ऊर्जा स्रोतों का उपयोग कितना आवश्यक है। इस प्रकार की शैक्षणिक गतिविधियाँ छात्रों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होती हैं।