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मुंबई पुलिस का डर दिखाकर रिटायर्ड सीआरपीएफ कर्मी से 6.30 लाख की साइबर ठगी

मुम्बई क्राईम ब्रांच का अधिकारी बनकर की बात

बिलासपुर । सकरी थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक सेवानिवृत्त सीआरपीएफ कर्मचारी से 6 लाख 30 हजार रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मोबाइल नंबर धारक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

सकरी पुलिस ने बताया कि प्रार्थी दिवाकर मंडल पिता भूतनाथ मंडल, उम्र 61 वर्ष, निवासी फेस-2 आसमा सिटी सकरी ने थाना में रिपोर्ट में कराया है कि वह सीआरपीएफ से सेवानिवृत्त हैं। 2 नवंबर को सुबह लगभग 8 बजे उन्हें एक अनजान व्यक्ति ने फोन कर खुद को टेलीकॉम ऑफिस का कर्मचारी बताया। कॉलर ने कहा कि उनके आधार और पैन कार्ड से जुड़ा एक बैंक खाता मुंबई में चल रहा है, जिसका उपयोग अवैध गतिविधियों में किया जा रहा है। इसके बाद कॉल को दूसरे व्यक्ति से कनेक्ट किया गया, जिसने स्वयं को मुंबई क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका नाम मनी लॉन्ड्रिंग केस में जुड़ा हुआ है और वे कुख्यात अपराधियों से संबंधित मामले में फंसे हुए हैं। कॉलर ने व्हाट्सएप के माध्यम से पीड़ित को उनका आधार कार्ड और पैन कार्ड दिखाया, जिससे वे उसके झांसे में आ गए। आरोपियों ने पीड़ित को बताया कि उनके नाम से वारंट जारी हो चुका है और यदि नाम हटवाना है तो बैंक खाते में मौजूद राशि जांच के लिए भेजनी होगी। भरोसा दिलाया गया कि रकम ट्रैक कर अपराधियों को पकड़ा जाएगा और बाद में पैसा वापस कर दिया जाएगा। इस दौरान किसी को भी जानकारी न देने का दबाव बनाया गया। ठगों के झांसे में आकर दिवाकर मंडल ने 6 नवंबर को आरटीजीएस के माध्यम से 6 लाख 30 हजार रुपये आईडीबीआई बैंक के एक खाते में ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद जब उन्होंने संबंधित मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की तो फोन बंद आने लगा। तब उन्हें ठगी का अहसास हुआ। पीड़ित की रिपोर्ट पर सकरी पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना में ले लिया है।

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