एनएसयूआई में हालिया जिला अध्यक्षों की नियुक्तियों पर लगी रोक……बिलासपुर में रंजीत सिंह की पुनः जिम्मेदारी

NSUI की नयी नियुक्तियों पर रोक
पुनः NSUI जिला अध्यक्ष की जिम्मेदारी रंजीत सिंह को
बिलासपुर।हाल ही में एनएसयूआई छात्र संगठन में की गई नियुक्तियों पर रोक लगा दी गई है, बता दें कि अभी 20 अगस्त 2026 को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय द्वारा 5 जिलों के जिलाध्यक्षों को हटाकर नए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी इसी सूची में बिलासपुर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह को हटाकर नए ग्रामीण और शहर जिला अध्यक्षों की नियुक्ति की गई थी, जबकि रंजीत सिंह लगातार छात्रों के बीच रहकर उनकी आवाज उठाते आये रहे हैं उन्हें 2023 में जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई थी जिसके बाद लगातार छात्रहित में स्कूलों महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में कार्य करते रहे हैं इसके बावजूद उन्हें हटाया गया था। इसके बाद से ही एनएसयूआई में गुटबाजी सीधे तौर पर देखने को मिली जिस पर बिलासपुर समेत रायपुर के दिग्गज कांग्रेस नेताओं ने इसका कड़ा विरोध किया और दिल्ली मुख्यालय में अपना विरोध दर्ज करते हुए बताया कि अभी कुछ दिनों पूर्व ही एनएसयूआई में चुनाव की घोषणा की गई थी, जिस पर एनएसयूआई के राष्ट्रीय प्रभारी कन्हैया कुमार और चुनाव प्रभारियों ने प्रेस कांफ्रेस कर इसकी घोषणा सार्वजनिक की थी उसके बाद भी इस प्रकार से नियुक्ति किए जाना असंवैधानिक है और संगठन के नियमों के खिलाफ है साथ ही अभी आने वाले दिनों में छत्तीसगढ़ में होने वाले युवा कांग्रेस संगठन चुनाव में भी इसका सीधा असर देखने को मिल रहा था जिसमें भूपेश बघेल गुट के नेताओं को बिलासपुर समेत प्रदेश की नई नियुक्तियों में एनएसयूआई से बाहर का रास्ता दिखाया गया था और देवेंद्र यादव गुट के नेताओं को जिलाध्यक्ष बनाया गया था, जिसके लगातार विरोध के बाद एनएसयूआई के राष्ट्रीय कार्यालय दिल्ली से चर्चा के बाद इस सूची पर रोक लगा दी गई और पुनः एनएसयूआई बिलासपुर जिले की कमान रंजीत सिंह को दी गई है।
इस पर एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह का कहना है कि एनएसयूआई प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडेय को संगठन के हित को ध्यान में रखकर फैसला लेना चाहिए न कि किसी व्यक्ति विशेष के लिए कार्य करना चाहिए बिलासपुर जिला एनएसयूआई में जिस प्रकार से शहर और ग्रामीण जिला अलग अलग कर बिना मुझे जानकारी दिए बिना सूचना के नई नियुक्ति की गई थी वे पूरी तरह से असंवैधानिक थी और संगठन के नियमों के खिलाफ थीं अभी आने वाले दिनों में एनएसयूआई का आंतरिक संगठन चुनाव होना है और 30 अगस्त से युवा कांग्रेस का सदस्यता अभियान शुरू होने वाला है इस बीच ऐसा केवल एक गुट को फायदा पहुंचाने वाला कार्य असोभनीय है और युवा कांग्रेस स्वतंत्र सदस्यता अभियान है जिसमें प्रत्येक कार्यकर्ता अपने नेता को चुन सकता है जिसमें उन्होंने भूपेश बघेल के खेमे से चुनाव लड़ रहे सत्येंद्र चेलक का समर्थन किए जाने की बात कही है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने बताया कि उन्होंने इस विषय की शिकायत बिलासपुर रायपुर और दिल्ली तक शीर्ष नेतृत्व से लिखित रूप से शिकायत दर्ज कराई है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रंजीत सिंह ने इस असंवैधानिक नियुक्ति पर रोक लगाने के लिए एनएसयूआई राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ और बिलासपुर रायपुर से लेकर दिल्ली तक अपने शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त किया और स्पष्ट कहा है कि बिलासपुर के युवाओं की राजनीति जिले के बाहर का व्यक्ति तय नहीं करेगा ये बिलासपुर के युवाओं का अधिकार है कि वे किसे अपना चुनेंगे।