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ओपन स्कूल परीक्षा में उमड़ी विधार्थियो की भीड़

नियमित पढ़ाई छुटने वालो के लिए संजीवनी बना ओपन स्कूल

गृहणी से नौकरीपेशा तक बैठे परीक्षा में

बिलासपुर । शिक्षा से जुड़ी एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। यहां ओपन स्कूल की परीक्षा चल रही है। ओपन स्कूल की परीक्षा उन विद्यार्थियों के लिए बेहद सहायक मानी जाती है, जो किसी कारण से नियमित स्कूल की पढ़ाई पूरी नहीं कर पाते। यह परीक्षा हर वर्ष तीन बार आयोजित की जाती है, ताकि ज्यादा से ज्यादा छात्र-छात्राएं इसका लाभ उठा सकें।

मिली जानकारी के मुताबिक इस वर्ष बिलासपुर जिले में लगभग 1100 विद्यार्थी ओपन स्कूल की परीक्षा में शामिल हो रहे हैं। इनमें दसवीं और बारहवीं दोनों कक्षाओं के परीक्षार्थी शामिल हैं। परीक्षा केंद्रों पर शांतिपूर्ण माहौल में परीक्षाएं कराई जा रही हैं और सुरक्षा व व्यवस्थाओं को लेकर प्रशासन सतर्क है।ओपन स्कूल की सबसे खास बात यह है कि बारहवीं की परीक्षा कोई भी व्यक्ति दे सकता है। इसके लिए उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं की गई है। चाहे कोई नौकरीपेशा हो, गृहिणी हो या पढ़ाई बीच में छूट गई हो, सभी के लिए यह अवसर उपलब्ध है। वहीं दसवीं की परीक्षा देने के लिए न्यूनतम उम्र 14 वर्ष होना जरूरी है। इस नियम के तहत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं परीक्षा में बैठते हैं और अपनी पढ़ाई आगे बढ़ाने का मौका पाते हैं।
बिलासपुर में इस बार परीक्षा देने वाले 1100 छात्रों में कई ऐसे भी हैं जो नौकरी करते हुए पढ़ाई कर रहे हैं, तो कई ऐसे हैं जिन्होंने लंबे समय बाद पढ़ाई दोबारा शुरू की है। यह तस्वीर बताती है कि पढ़ाई करने की लगन उम्र पर निर्भर नहीं करती।कुल मिलाकर, ओपन स्कूल की परीक्षा उन हजारों विद्यार्थियों के लिए एक नया अवसर लेकर आई है जो किसी न किसी कारणवश अपनी पढ़ाई अधूरी छोड़ चुके थे। इस परीक्षा के माध्यम से वे न केवल पढ़ाई पूरी कर पाएंगे, बल्कि समाज और अपने करियर में भी आगे बढ़ पाएंगे।

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