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बस स्टैंड चौक पर महापौर पुत्र की दबंगई! ट्रैफिक पुलिस के रोकने पर भड़का महापौर का बेटा

बीच सड़क पर दिखाया रौब…शासकीय वाहन से पहुंचा थाने तक

बिलासपुर। पुराने बस स्टैंड में ट्रैफिक पुलिस ने बिना कागजात के स्टाइलिश नम्बर प्लेट लगी शराबी लड़कों को पकड़ा।जिनके खिलाफ कार्रवाई करने की गई।लेकिन इस बीच महापौर के बेटे ने मौके पर पहुंचकर जमकर विवाद किया और महापौर का बेटा होने का धौंस दिखाकर गाड़ी को छोड़ने की बात कही,लेकिन ट्राफिक के जवानों ने बिना कार्रवाई के गाड़ी नहीं छोड़ने की बात कही।

दरअसल पूरी घटना सोमवार की है।वायरल वीडियो पर नजर आ रहा है कि बस स्टैंड चौक में ट्रैफिक पुलिस पर  सत्ता का धौंस दिखाकर शराबी वाहन चालकों पर कार्रवाई नहीं करने की बात कही।जिसके कारण मामला काफी उलझ गया। जब ट्रैफिक पुलिस ने नियम तोड़ने पर महापौर के पति के ईंट भट्ठे में काम करने वाले दो बाइक सवारों को रोका। बाइक पर स्टाइलिश नंबर प्लेट लगी थी, दस्तावेज नहीं थे और चालक नशे में धुत था।ट्रैफिक पुलिस ने जब अल्कोहल मशीन से जांच की, तो शराब की मात्रा बेहद अधिक पाई गई। नियमों का उल्लंघन करने पर जब कार्रवाई की बात आई, तो दोनों ने धमकाते हुए कहा हम महापौर के यहां काम करते हैं।इसी बीच एक चालक विजय केवट ने फोन पर महापौर के बेटे को बुला लिया। कुछ ही देर में महापौर का बेटा शासकीय वाहन में, जिस पर बड़े अक्षरों में महापौर लिखा था, फर्राटे भरते हुए मौके पर पहुंच गया। उसने पुलिस से गुजारिश की कि उसके ड्राइवरों को छोड़ दिया जाए, लेकिन पुलिस ने साफ मना कर दिया। इसके बाद महापौर पुत्र ने सड़क पर ही रौब दिखाया और ट्रैफिक जवानों से बहस करने लगा।गुस्से में वह अपने साथियों को महापौर लिखी शासकीय कार में बैठाकर सीधे ट्रैफिक थाने पहुंच गया। वहां भी उसने दबंगई दिखाते हुए कहा कि ये लोग महापौर के यहां काम करते हैं, इन्हें छोड़ दो।लेकिन थाने में मौजूद आरक्षकों ने अपने वरिष्ठ अधिकारी से बात कर स्पष्ट कर दिया कि चाहे कोई भी हो, नियम सब पर एक समान लागू होता है।यह सुनकर महापौर का बेटा ठंडा पड़ा और बिना कुछ कहे वापस चला गया।

*गाड़ी महापौर की लेकिन उपयोग करता है बेटा*

मामले ने नगर निगम प्रशासन की कार्यशैली और जिम्मेदारी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नियम के अनुसार महापौर लिखा वाहन केवल महापौर के उपयोग में होना चाहिए, परिवारजन या निजी कामगारों के लिए इसका प्रयोग वर्जित है। बावजूद इसके, महापौर पुत्र ने शासकीय वाहन में दबंगई का प्रदर्शन कर पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई। अब देखना यह है कि प्रशासन इस पूरे मामले पर क्या कार्रवाई करता है।

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