सेंट जेवियर्स हाई स्कूल के कथित अवैध कब्जा मामले में एनएसयूआई का निगम प्रशासन पर बड़ा सवाल

गरीब की छोटी झोपड़ी पर तुरंत बुलडोजर चलता है, फिर प्रभावशाली संस्थानों पर कार्रवाई क्यों नहीं?” — रंजेश सिंह
बिलासपुर।
एनएसयूआई छत्तीसगढ़ के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ने व्यापार विहार स्थित सेट जेवियर हाई स्कूल द्वारा शासकीय एवं सार्वजनिक भूमि पर कथित अवैध कब्जा, अतिक्रमण एवं निर्माण को लेकर माननीय कलेक्टर बिलासपुर, नगर पालिक निगम बिलासपुर के आयुक्त एवं भवन अधिकारी को विस्तृत शिकायत ज्ञापन सौंपते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
रंजेश सिंह ने कहा कि विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुख्य मार्ग के सामने लगभग 50 मीटर तक सार्वजनिक भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर विशाल सीमेंट गेट, पक्के निर्माण, चेनर एवं होर्डिंग लगाए गए हैं, जिससे आम नागरिकों के आवागमन में गंभीर बाधा उत्पन्न हो रही है। जिस मार्ग का उपयोग पहले आम जनता करती थी, वह अब संकरा एवं अवरुद्ध हो गया है।
उन्होंने कहा कि यह केवल अतिक्रमण का मामला नहीं, बल्कि प्रशासनिक निष्क्रियता और दोहरे मापदंड का भी बड़ा उदाहरण है। रंजेश सिंह ने निगम प्रशासन पर सवाल उठाते हुए कहा कि —
“जब कोई गरीब व्यक्ति अपनी छोटी सी झोपड़ी या दुकान सड़क किनारे बना लेता है, तब प्रशासन तत्काल कार्रवाई करते हुए बुलडोजर चला देता है। लेकिन जब बड़े और प्रभावशाली संस्थानों द्वारा खुलेआम सार्वजनिक भूमि पर कब्जा किया जाता है, तब प्रशासन चुप क्यों बैठा रहता है? आखिर कानून केवल गरीबों के लिए ही है क्या?”
उन्होंने कहा कि यदि किसी सामान्य नागरिक द्वारा कुछ फीट भूमि पर अस्थायी कब्जा किया जाए तो निगम तत्काल नोटिस, जुर्माना और तोड़फोड़ की कार्रवाई करता है, जबकि इस मामले में लंबे समय से शिकायतें होने के बावजूद अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं होना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
एनएसयूआई प्रदेश सचिव ने कहा कि सार्वजनिक भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा सीधे-सीधे जनता के अधिकारों का हनन है। प्रशासन को बिना किसी दबाव एवं भेदभाव के निष्पक्ष कार्रवाई करनी चाहिए।
ज्ञापन में निम्न प्रमुख मांगें रखी गईं—
संबंधित स्थल का तत्काल निगम एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम से निरीक्षण कराया जाए।
भूमि के राजस्व रिकॉर्ड, नक्शा, डायवर्सन एवं भवन अनुमति की विस्तृत जांच की जाए।
यदि अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण पाया जाए तो तत्काल हटाने की कार्रवाई की जाए।
संबंधित संस्था एवं जिम्मेदार अधिकारियों पर नियमानुसार दंडात्मक कार्यवाही की जाए।
आम जनता के लिए बाधित मार्ग को पुनः पूर्व स्थिति में बहाल किया जाए।
भविष्य में प्रभावशाली लोगों एवं संस्थानों पर भी समान रूप से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
रंजेश सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि निगम प्रशासन द्वारा शीघ्र निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई जनहित में आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।