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कृषि महाविद्यालय बिलासपुर के दो कैडेट्स का आर्मी अटैचमेंट कैंप के लिए चयन

एनसीसी इकाई की पहल से कैडेट्स को मिलेगा सैन्य प्रशिक्षण एवं अनुशासन का व्यावहारिक अनुभव

बिलासपुर। बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर के एनसीसी कैडेट्स ने महाविद्यालय को गौरवान्वित किया है। महाविद्यालय की एनसीसी इकाई के बी.एससी. (कृषि) प्रथम वर्ष के दो प्रतिभाशाली कैडेट प्रवीण साहू एवं हिरमेश पटेल का चयन 07 सीजी बटालियन एनसीसी, बिलासपुर द्वारा आयोजित 10 दिवसीय आर्मी अटैचमेंट कैंप के लिए किया गया है।

यह प्रतिष्ठित प्रशिक्षण शिविर 20 से 30 अगस्त 2026 तक झांसी में आयोजित किया जाएगा। आर्मी अटैचमेंट कैंप एनसीसी कैडेट्स के लिए सैन्य जीवन, अनुशासन, नेतृत्व, शारीरिक दक्षता तथा टीम भावना को निकट से समझने का महत्वपूर्ण अवसर प्रदान करता है। कैंप के दौरान कैडेट्स को भारतीय सेना की कार्यप्रणाली एवं सैन्य प्रशिक्षण से जुड़े विभिन्न पहलुओं का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा।

व्यक्तित्व विकास का महत्वपूर्ण अवसर

आर्मी अटैचमेंट कैंप केवल सैन्य प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, निर्णय लेने की क्षमता और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने का महत्वपूर्ण माध्यम है। कृषि शिक्षा के साथ एनसीसी जैसी गतिविधियों में सहभागिता विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

प्रवीण साहू एवं हिरमेश पटेल के चयन से महाविद्यालय के अन्य विद्यार्थियों को भी एनसीसी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी के लिए प्रेरणा मिलेगी। यह उपलब्धि महाविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास और राष्ट्रीय चेतना को बढ़ावा देने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी दर्शाती है।

महाविद्यालय परिवार ने दी शुभकामनाएं

दोनों कैडेट्स के चयन पर महाविद्यालय के एनसीसी प्रभारी डॉ. विनोद निर्मलकर ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शिविर में अनुशासन, समर्पण और उत्साह के साथ सहभागिता करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे सहित समस्त प्राध्यापकों, वैज्ञानिकों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं ने प्रवीण साहू एवं हिरमेश पटेल को इस उपलब्धि पर बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

दोनों कैडेट्स से अपेक्षा की गई है कि वे आर्मी अटैचमेंट कैंप में प्राप्त अनुभवों और प्रशिक्षण को आत्मसात कर महाविद्यालय का नाम रोशन करेंगे तथा लौटकर अपने साथी विद्यार्थियों के साथ अपने अनुभव साझा करेंगे। उनका चयन महाविद्यालय के युवाओं के लिए अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्रसेवा की भावना के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणादायी मिसाल है।

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