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ग्लोबल माइक्रो फाइनेंस कंपनी में डूबे लाखों

चार साल बाद रिटायर्ड कर्मचारी की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर

बिलासपुर। प्रदेश में धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। पढ़े-लिखे और समझदार लोग भी भरोसे या लालच में आकर जीवन भर की कमाई गंवा बैठते हैं। बिलासपुर में एक रिटायर्ड रेलवे कर्मचारी के साथ हुई करोड़ों की ठगी का मामला चार साल बाद थाने में दर्ज हुआ है।

दरअसल मामला वर्ष 2020 का है। पतिराम गढ़ेवाल रेलवे से रिटायर होने के बाद पेंशन और अन्य देनदारियों से मिले करीब 12 लाख रुपये सुरक्षित निवेश के लिए एलआईसी में जमा करना चाहते थे। उन्होंने यह रकम अपने परिचित बलराम देवांगन को इस भरोसे पर दी कि वह इसे एलआईसी में निवेश करेगा।लेकिन, बलराम देवांगन ने रकम ग्लोबल माइक्रो फाइनेंस कंपनी में जमा कर दी। कुछ समय बाद कंपनी अचानक बंद हो गई और इसके डायरेक्टर व जिम्मेदार लोग फरार हो गए। इस तरह पतिराम की जीवन भर की कमाई कंपनी के साथ डूब गई।पीड़ित ने 2020 से लेकर अब तक लगातार अधिकारियों और थाने के चक्कर काटे, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हुई।आखिरकार बुधवार को सिविल लाइन थाना प्रभारी एसआर साहू ने उनकी रिपोर्ट सुनी और जालसाजों के खिलाफ मामला दर्ज किया।पुलिस ने आरोपी बलराम देवांगन और कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ धारा 420 समेत अन्य संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब कंपनी के वित्तीय लेन-देन और आरोपियों के ठिकानों का पता लगाने में जुटी है।

जिला और पुलिस प्रशासन की अपील

जिला और पुलिस प्रशासन ने लोगों को चेतावनी दी है और अपील की है कि किसी भी निवेश से पहले कंपनी की साख और रजिस्ट्रेशन की जांच जरूर करें। भरोसे में आकर या त्वरित मुनाफे के लालच में निवेश करना भारी नुकसान में बदल सकता है।

वर्जन

धोखाधड़ी का मामला सामने आया है।जिसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी।

एसआर साहू,,टीआई थाना सिविल लाइन

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